
आज का बचपन, कल का भारत: जानिए बाल विकास क्यों है राष्ट्र निर्माण की आधारशिला?
नीरा बख्शी बाल विकास एक सतत और बहुआयामी प्रक्रिया है, जो जन्म से पहले ही आरम्भ हो जाती है और किशोरावस्था तक निरंतर चलती रहती है। इस प्रक्रिया में बच्चे के शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, भाषाई और सामाजिक विकास के विभिन्न पहलू शामिल होते हैं। प्रत्येक अवस्था में बच्चे नई क्षमताएँ































