
प्रेम, संवेदना से भरी कविताओं के माध्यम से सिस्टम पर प्रहार..जानिए क्यों ख़ास है ‘शहर की तासीर’ !
डॉ. मो. अज़हर खान समकालीन युवा कविता के परिदृश्य पर नज़र डाली जाए तो सैकड़ों नाम इसमें शुमार हैं । आज की युवा पीढ़ी साहित्यिक यात्रा के कई पड़ाव देख और समझ चुकी है । इनके नवोदित पीढ़ी से लेकर समकालीन कविता की युवा पीढ़ी एक साथ खड़ी है। इसे





























