नई दिल्ली। ‘प्राइम मिनिस्टर रिसर्च चेयर (PMRC)’ एजुकेशन मिनिस्ट्री की एक योजना है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य विदेशों में रह रहे भारतीय मूल के रिसर्च प्रोफेशनल्स को भारत की ओर आकर्षित करना है।
इन्हें देश के हॉयर एजुकेशनल इंस्टीट्युशंस (HEIs) और राष्ट्रीय अनुसंधान प्रयोगशालाओं में नियुक्त किया जाएगा ताकि वे भारत में विभिन्न क्षेत्रों में उच्चस्तरीय शोध कर सकें। फिलहाल इस योजना की अवधि 5 वर्षों (वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक) के लिए है, जिसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
योजना के तीन मुख्य स्तंभ (Core Pillars)
यह योजना मुख्य रूप से तीन स्तरों पर काम करती है, जिसका निर्धारण भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (Principal Scientific Advisor) की अध्यक्षता वाली एक अधिकार प्राप्त समिति (Empowered Committee) करेगी:
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लीड संस्थान (Lead Institutions): प्रत्येक विषय/थीम के लिए एक लीड संस्थान तय किया जाएगा, जो रणनीतिक दिशा और गुणवत्ता सुनिश्चित करेगा। ये संस्थान अन्य संभावित मेजबान संस्थानों (Host Institutions) की योग्यता का मूल्यांकन भी करेंगे।
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मेजबान संस्थान (Host Institutions): भारत के चुनिंदा शीर्ष सरकारी संस्थान और राष्ट्रीय प्रयोगशालाएं जो रिसर्च फेलो की मेजबानी करेंगे और उन्हें बुनियादी ढांचा प्रदान करेंगे।
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PMRC फेलो (PMRC Fellows): विदेश से आने वाले योग्य वैज्ञानिक और शोधकर्ता।
पात्रता मानदंड (Eligibility Criteria)
क. मेजबान संस्थानों (Host Institutions) के लिए:
केवल वही सरकारी संस्थान इसके पात्र होंगे जो निम्नलिखित श्रेणियों में आते हैं:
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NIRF की ओवरऑल (Overall) रैंकिंग में शीर्ष 100 में शामिल सरकारी संस्थान।
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NIRF की इंजीनियरिंग (Engineering) रैंकिंग में शीर्ष 100 में शामिल सरकारी संस्थान।
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NIRF की रिसर्च (Research) रैंकिंग में शीर्ष 50 में शामिल सरकारी संस्थान।
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DBT, DST, CSIR, ICMR आदि के तहत आने वाली प्रमुख राष्ट्रीय प्रयोगशालाएं और अनुसंधान संस्थान।
ख. शोधकर्ताओं/फेलो (PMRC Fellows) के लिए:
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आवेदक भारतीय मूल का होना चाहिए (भारतीय नागरिक, OCI या PIO)। (विशेष परिस्थितियों में जो अभी भारत में हैं लेकिन पात्रता पूरी करते हैं, वे भी योग्य हैं)।
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उम्मीदवार के पास अनुसंधान, पेटेंट, और अंतरराष्ट्रीय प्रकाशनों का एक बेहतरीन ट्रैक रिकॉर्ड होना चाहिए।
एंगेजमेंट और फेलोशिप की श्रेणियां (Categories of Engagement)
अगले 5 वर्षों में कम से कम 120 प्रतिष्ठित शोधकर्ताओं को जोड़ने का लक्ष्य है। अनुभव के आधार पर इसे 3 श्रेणियों में बांटा गया है:
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यंग रिसर्च फेलो (YRF): पीएचडी (PhD) के बाद विदेश में 5 वर्ष तक का अनुभव रखने वाले शुरुआती करियर के शोधकर्ता।
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सीनियर फेलो (SF): पीएचडी के बाद विदेश में 5 से 10 वर्ष तक का अनुभव रखने वाले मध्य-करियर के शोधकर्ता।
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रिसर्च चेयर (RC): पीएचडी के बाद विदेश में 10 वर्ष या उससे अधिक का अनुभव रखने वाले प्रतिष्ठित और वरिष्ठ विशेषज्ञ।
वित्तीय सहायता का विवरण (Financial Support)
चयनित शोधकर्ताओं को भारत सरकार द्वारा बेहद आकर्षक वित्तीय पैकेज दिया जाएगा, जिसका विवरण नीचे दी गई तालिका में है:
क्र.सं. |
विवरण |
आवृत्ति (Frequency) |
यंग रिसर्च फेलो (YRF) |
सीनियर फेलो (SF) |
रिसर्च चेयर (RC) |
1 |
फेलोशिप शुल्क |
वार्षिक |
₹15 लाख – ₹20 लाख |
₹20 लाख – ₹40 लाख |
₹40 लाख – ₹60 लाख |
2 |
अनुसंधान अनुदान (Research Grant) |
एक बार (One-time) |
₹1 करोड़ – ₹1.50 करोड़ |
₹1.50 करोड़ – ₹2.50 करोड़ |
₹3 करोड़ – ₹5 करोड़ |
3 |
आवास और चिकित्सा भत्ता |
वार्षिक |
₹5 लाख |
₹9 लाख |
₹15 लाख |
4 |
पुनर्वास लाभ (Relocation Benefit) |
एक बार (One-time) |
₹30 लाख |
₹40 लाख |
₹50 लाख |
5 |
संचालन लागत/संस्थान ओवरहेड्स |
वार्षिक |
₹20 लाख |
₹30 लाख |
₹1 करोड़ |
PMRC फेलो की मुख्य जिम्मेदारियां
चयनित होने के बाद फेलो को मेजबान संस्थान में निम्नलिखित कार्य करने होंगे:
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तय प्राथमिक क्षेत्रों में उच्च-स्तरीय मौलिक अनुसंधान करना।
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पढ़ाना और नए पाठ्यक्रम (Curriculum) तैयार करने में मदद करना।
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पीएचडी (Doctoral) और पोस्ट-डॉक्टोरल छात्रों को मेंटरशिप (मार्गदर्शन) देना।
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अंतरराष्ट्रीय सहयोग और उद्योगों के साथ साझेदारी को बढ़ावा देना ताकि रिसर्च को कमर्शियल उत्पादों (Commercial Products) में बदला जा सके और पेटेंट हासिल किए जा सकें।
7. योजना के तहत निर्धारित प्रमुख विषय (Thematic Areas)
शोध कार्य मुख्य रूप से इन 13+ क्षेत्रों पर केंद्रित होगा:
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उन्नत सामग्रियां, दुर्लभ-पृथ्वी और महत्वपूर्ण खनिज (Advanced Materials, Rare-earth & Critical Minerals)
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ऊर्जा, स्थिरता और जलवायु परिवर्तन (Energy, Sustainability and Climate Change)
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कृषि और खाद्य प्रौद्योगिकी (Agri & Food Technologies)
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सेमीकंडक्टर (Semiconductors)
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उन्नत कंप्यूटिंग – सुपरकंप्यूटिंग, एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग (Advanced Computing)
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स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा प्रौद्योगिकी (Healthcare & MedTech)
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अंतरिक्ष और रक्षा (Space and Defence)
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अगली पीढ़ी के संचार, क्वांटम संचार सहित (Next-Gen Communications)
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ब्लू इकोनॉमी (Blue Economy)
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साइबर सुरक्षा (Cybersecurity)
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विनिर्माण और उद्योग 4.0 (Manufacturing & Industry 4.0)
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जैव प्रौद्योगिकी (Biotechnology)
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परमाणु ऊर्जा (Atomic Energy)
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राष्ट्रीय मिशनों के अनुरूप कोई अन्य परियोजना।
आवेदन कैसे करें?
संस्थानों और फेलो दोनों को आधिकारिक PMRC पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
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संस्थानों के लिए: उन्हें अपने शोध कौशल, बुनियादी ढांचे और 3 संभावित फेलो के सुझावों के साथ प्रोजेक्ट प्रपोजल जमा करना होगा।
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फेलो के लिए: उन्हें अपना विस्तृत सीवी (CV), प्रकाशनों की सूची, पेटेंट और नागरिकता/रेजीडेंसी के दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
महत्वपूर्ण तारीखें:
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आवेदन शुरू होने की तिथि: 1 जून, 2026
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आवेदन की अंतिम तिथि: 15 जुलाई, 2026
आधिकारिक संपर्क ई-मेल: contact.pmrc@gov.in
अधिक जानकारी के लिए इस ऑफिशियल नोटिफिकेशन पर क्लिक करें
https://pmrc.education.gov.in/gallery/PMRC-Call%20for%20Applications.pdf
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