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‘सचेत’ होकर निकलेगा बैंकिंग फ्रॉड,फर्जी लोन ऐप जैसी समस्याओं का हल…जानिए क्या है RBI का ‘सचेत’ पोर्टल?

तकनीकि से तरक्की होती है लेकिन तकनीकि का कुछ लोग गलत इस्तेमाल करके लोगों से ऑनलाइन तरीके से पैसे हड़प लेते हैं। ऐसे में 'सचेत' रहना बेहद ज़रूरी है। आम नागरिकों की मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने के लिए और वित्तीय धोखाधड़ी की गतिविधियों पर लगाम लगाने भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 'सचेत' पोर्टल की शुरुआत की है। अगर आपके साथ कोई धोखाधड़ी हुई है तो आप 'सचेत' पोर्टल पर किस तरह से शिकायत दर्ज करा सकते हैं, आइए जानते हैं

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नई दिल्ली। आजकल वित्तीय तकनीकों का दौर तेजी से बढ़ा है जिसके कारण लोग डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई से पेमेंट जैसे कई कार्य ऑनलाइन करते हैं। इसी को देखते हुए कई अवैध निवेश योजना चलाने वाली कंपनियां, फर्जी लोन ऐप्स और अनधिकृत वित्तीय कंपनियों की संख्या भी तेजी से बढ़ती जा रही है जो लोगों से डिजिटल फ्रॉड करती हैं।
क्या है ‘सचेत’ पोर्टल?
आरबीआई का सचेत पोर्टल वित्तीय जागरूकता और सुरक्षा की दिशा में एक बेहद प्रभावी कदम है। यह न केवल धोखेबाजों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करता है, बल्कि आम नागरिकों को किसी भी वित्तीय स्कीम में निवेश करने से पहले उसकी सत्यता जांचने की शक्ति भी देता है। डिजिटल युग में सुरक्षित रहने के लिए इस पोर्टल के बारे में जागरूकता फैलाना बेहद जरूरी है।
यह पोर्टल राज्य स्तरीय समन्वय समिति (SLCC) के तहत काम करने वाले विभिन्न वित्तीय नियामकों (Regulators) और कानून प्रवर्तन एजेंसियों का एक संयुक्त मंच है।
मुख्य उद्देश्य 
सचेत पोर्टल को मुख्य रूप से निम्नलिखित उद्देश्यों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है:
  • अवैध जमा योजनाओं को रोकना: ऐसी कंपनियाँ या संस्थाएं जो बिना किसी वैध लाइसेंस या रिज़र्व बैंक की अनुमति के आम जनता से पैसा इकट्ठा करती हैं (जैसे पोंजी स्कीम्स), उन पर त्वरित कार्रवाई करना।
  • केंद्रीय रिपोर्टिंग गेटवे: आम नागरिकों को एक ऐसा एकल (Single) मंच प्रदान करना जहां वे किसी भी प्रकार की अनधिकृत वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कर सकें, बिना इस उलझन के कि मामला किस विभाग के अधिकार क्षेत्र में आता है।
  • एजेंसियों में समन्वय: रिज़र्व बैंक (RBI), सेबी (SEBI), आईआरडीएआई (IRDAI), राज्य पुलिस और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान को तेज करना।
प्रमुख विशेषताएँ
  • बहुभाषी समर्थन (Multilingual Support): यह पोर्टल देश के अलग-अलग हिस्सों के लोगों की सुविधा के लिए असमिया से लेकर उर्दू तक 13 प्रमुख भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है।
  • संस्थाओं की प्रामाणिकता की जाँच (Search Entities): इस पोर्टल पर ‘Search Entities’ का एक बेहद उपयोगी विकल्प है। कोई भी व्यक्ति किसी बैंक, एनबीएफसी (NBFC) या वित्तीय संस्थान का नाम डालकर यह चेक कर सकता है कि वह कंपनी वैध रूप से रजिस्टर्ड है या नहीं।
  • त्वरित शिकायत फॉरवर्डिंग (Instant Forwarding): पोर्टल पर दर्ज की गई शिकायत सीधे संबंधित नियामक (जैसे शेयर बाजार से जुड़ी है तो SEBI को, बैंकों से है तो RBI को, और धोखाधड़ी का मामला है तो राज्य पुलिस या साइबर सेल को) तुरंत ट्रांसफर कर दी जाती है।
  • शिकायत ट्रैकिंग (Track Complaint): शिकायत दर्ज करने के बाद उपयोगकर्ता को एक ट्रैकिंग आईडी मिलती है, जिससे वे अपनी शिकायत की मौजूदा स्थिति (Status) को लाइव ट्रैक कर सकते हैं।
  • गुमनाम जानकारी साझा करना (Anonymous Reporting): यदि कोई नागरिक किसी अवैध वित्तीय गतिविधि या फर्जी लोन ऐप के बारे में केवल सूचना देना चाहता है और अपनी पहचान गुप्त रखना चाहता है, तो वह ‘Help Your Regulator’ टैब के जरिए ऐसा कर सकता है।
‘सचेत’ पोर्टल और बैंकिंग लोकपाल में अंतर
अक्सर लोग सचेत और लोकपाल पोर्टल (CMS) में भ्रमित हो जाते हैं। इनके बीच का अंतर नीचे दी गई तालिका से समझा जा सकता है:
विशेषता
सचेत पोर्टल (Sachet Portal)
बैंकिंग लोकपाल / CMS
लक्षित संस्थाएं
जो कंपनियां अवैध या अनधिकृत हैं (जैसे फर्जी लोन ऐप्स, बिना लाइसेंस के पैसे जमा करने वाली संस्थाएं)।
जो बैंक या NBFC RBI के तहत रजिस्टर्ड हैं।
शिकायत का प्रकार
वित्तीय धोखाधड़ी, अवैध निवेश योजनाएं या पोंजी स्कीम्स।
बैंक सेवाओं में कमी (जैसे गलत चार्ज कटना, एटीएम से पैसे न निकलना)।
कार्यवाही
जांच, लाइसेंस रद्द करना या कानूनी/पुलिस कार्रवाई।
ग्राहक को मुआवजा दिलाना या विवाद का निपटारा करना।
पोर्टल पर शिकायत कैसे दर्ज कराएं
यदि आपके साथ कोई वित्तीय धोखाधड़ी हुई है या किसी अनधिकृत संस्था की जानकारी है, तो इन चरणों का पालन करें:
  1. आधिकारिक वेबसाइट sachet.rbi.org.in पर जाएं।
  2. होमपेज पर “File a Complaint” विकल्प पर क्लिक करें।
  3. अपना राज्य चुनें और उस संस्था/कंपनी का प्रकार चुनें जिसके खिलाफ शिकायत है।
  4. घटना का विवरण (जैसे फर्जी वेबसाइट, फिशिंग ईमेल, अवैध लोन रिकवरी एजेंट द्वारा उत्पीड़न आदि) दर्ज करें।
  5. सबूत के तौर पर स्क्रीनशॉट, चैट लॉग या पेमेंट रसीद अपलोड करें।
  6. अपने मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी (OTP) दर्ज कर शिकायत सबमिट करें।
  7. यदि मामला विशुद्ध रूप से ऑनलाइन वित्तीय साइबर अपराध का है, तो नागरिक सीधे राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी कॉल कर सकते हैं।
यदि आप इस पोर्टल के काम करने के तरीके को लाइव देखना चाहते हैं, तो आप इस उपयोगी RBI Sachet portal guide वीडियो को देख सकते हैं, जिसमें शिकायत दर्ज करने और पोर्टल के इस्तेमाल की पूरी प्रक्रिया को स्क्रीन पर चरण-दर-चरण समझाया गया है।
अधिक जानकारी के लिए आप इस आधिकारिक वेबसाइट पर क्लिक कर सकते हैं- http://(sachet.rbi.org.in)
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