नई दिल्ली. एजुकेशन डेस्क
जनजातीय क्षेत्र (Tribal Sector ) में करियर के शानदार विकल्प मौजूद होते हैं। एजुकेशन, रिसर्च, गवर्नमेंट इंस्टीट्यूशन्स, एनजीओ, इंटरनेशनल आर्गेनाइजेशन्स आदि में ट्राइबल स्टडीज में डिग्री या डिप्लोमा होल्डर्स के लिए करियर के कई अवसर उपलब्ध होते हैं। इसके बारे में आपको डिटेल्स में जानकारी देंगे लेकिन उससे पहले आइए आपको बताते हैं कि Tribal Studies की पढ़ाई किन विश्वविद्यालयों या संस्थानों से कर सकते हैं और उसके लिए एडमिशन प्रासेस क्या है?
देश के प्रमुख जनजातीय विश्वविद्यालय
| विश्वविद्यालय का नाम | राज्य | प्रमुख कोर्स | योग्यता | एडमिशन प्रक्रिया |
|---|---|---|---|---|
| इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU) | मध्यप्रदेश (अमरकंटक) | BA / MA Tribal Studies, Social Work, Education, Forestry, Anthropology | UG: 10+2 PG: ग्रेजुएशन | CUET / यूनिवर्सिटी एंट्रेंस + काउंसलिंग |
| मध्यप्रदेश जनजातीय विश्वविद्यालय | मध्यप्रदेश (छिंदवाड़ा) | Tribal Studies, History, Sociology, Language & Culture | 10+2 / ग्रेजुएशन | मेरिट आधारित / राज्य प्रवेश प्रक्रिया |
| बिरसा मुंडा जनजातीय विश्वविद्यालय | झारखंड | BA, MA (Tribal Studies), Social Work, Rural Development | 10+2 / ग्रेजुएशन | यूनिवर्सिटी नोटिफिकेशन के अनुसार |
| पंडित रविशंकर शुक्ल जनजातीय विश्वविद्यालय | छत्तीसगढ़ | Tribal Culture, Sociology, Social Work | 10+2 / ग्रेजुएशन | मेरिट आधारित |
| सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय | झारखंड (दुमका) | Tribal & Regional Studies, Arts, Education | 10+2 / ग्रेजुएशन | राज्य विश्वविद्यालय प्रवेश नियम |
| आदिवासी अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान (AIIS) | विभिन्न राज्य (शोध संस्थान) | Tribal Research, PG Diploma | ग्रेजुएशन | साक्षात्कार / मेरिट |
| इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) | राष्ट्रीय | PG Diploma in Tribal Studies, Social Work | ग्रेजुएशन | डायरेक्ट एडमिशन (ऑनलाइन) |
| नागालैंड विश्वविद्यालय | नागालैंड | Tribal Studies, Anthropology, Sociology | ग्रेजुएशन | CUET / यूनिवर्सिटी एंट्रेंस |
अधिक जानकारी के लिए संबंधित विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट चेक करें
Tribal Studies का कोर्स कराने वाले अन्य विश्वविद्यालय-संस्थान
| कोर्स का नाम | प्रमुख संस्थान/यूनिवर्सिटी | प्रवेश प्रक्रिया | कोर्स की अवधि | कोर्स का उद्देश्य |
|---|---|---|---|---|
| आदिवासी अध्ययन (Tribal Studies) | जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) – मद्रास विश्वविद्यालय | – ऑनलाइन आवेदन – प्रवेश परीक्षा / साक्षात्कार | 2-3 वर्ष (UG) / 2 वर्ष (MA), 1 वर्ष (PG डिप्लोमा) | जनजातीय समाज, संस्कृति और इतिहास का अध्ययन |
| आदिवासी विकास (Tribal Development) | बिरसा विश्वविद्यालय, रांची – हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय | ऑनलाइन आवेदन – योग्यता पर आधारित प्रवेश | 1-2 वर्ष | जनजातीय समुदायों के विकास के लिए नीतियां और रणनीतियां तैयार करना |
| सामाजिक कार्य (Social Work) | दिल्ली विश्वविद्यालय – बनारस हिंदू विश्वविद्यालय | – ऑनलाइन आवेदन – प्रवेश परीक्षा (IGNOU में) | 2 वर्ष | जनजातीय क्षेत्रों में सामाजिक कल्याण और विकास कार्य |
| जनजातीय संस्कृति और भाषा (Tribal Culture & Language) | सागर विश्वविद्यालय – मध्यप्रदेश जनजातीय विश्वविद्यालय | – ऑनलाइन आवेदन – योग्यता / साक्षात्कार | 1-2 वर्ष | जनजातीय भाषाओं और संस्कृति का संरक्षण |
| वन्यजीव संरक्षण (Wildlife Conservation) | कर्नाटका वन्यजीव संस्थान – एनएसडीसी (NSDC) | – ऑनलाइन आवेदन – योग्यता के आधार पर चयन | 6 महीने – 2 वर्ष | जनजातीय क्षेत्रों में वन्यजीवों और पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण |
| एडवेंचर टूरिज्म (Adventure Tourism) | नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी (NITHM) – हिमाचल पर्यटन संस्थान | – आवेदन पत्र – व्यक्तिगत साक्षात्कार / प्रवेश परीक्षा | 6 महीने – 1 वर्ष | जनजातीय क्षेत्र में एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देना |
एडमिशन प्रासेस
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ऑनलाइन आवेदन: अधिकांश संस्थानों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने की प्रक्रिया होती है।
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प्रवेश परीक्षा: कुछ संस्थान प्रवेश परीक्षा लेते हैं, जिसमें विषय संबंधी ज्ञान, सामान्य अध्ययन, और अन्य कौशलों की जांच की जाती है।
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साक्षात्कार: कुछ कोर्सों के लिए साक्षात्कार भी लिया जा सकता है, विशेषकर सामाजिक कार्य या शोध-आधारित कोर्सों में।
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योग्यता: अधिकांश कोर्सों के लिए न्यूनतम योग्यता 10+2 (UG) या संबंधित क्षेत्र में स्नातक डिग्री (PG) होती है।
करियर ऑपशन्स
1. जनजातीय कार्य मंत्रालय और सरकारी संस्थान- केंद्र सरकार का जनजातीय कार्य मंत्रालय (Ministry of Tribal Affairs – MoTA), जनजातीय अनुसंधान संस्थान (TRIs) और एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) जनजातीय विकास की रीढ़ माने जाते हैं। यहाँ निम्न पदों पर कार्य के अवसर मिलते हैं:
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कार्यक्रम अधिकारी
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अनुसंधान सहयोगी
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शिक्षक एवं प्रधानाचार्य
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परामर्शदाता (Counsellor)
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कल्याण पर्यवेक्षक
इन भूमिकाओं के माध्यम से जनजातीय बच्चों और समुदायों के जीवन में प्रत्यक्ष सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
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2.शिक्षा क्षेत्र में करियर (EMRS Schools)
एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) जनजातीय छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करते हैं। यहाँ शिक्षक, प्रशासनिक अधिकारी, काउंसलर और अकादमिक समन्वयक के रूप में करियर बनाया जा सकता है।
3 NGO सेक्टर में अवसर
गैर-सरकारी संगठन (NGOs) जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, आजीविका और जनजातीय अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर कार्य करते हैं। इस क्षेत्र में काम करने वाले युवा पेशेवर:
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जनजातीय परिवारों के साथ सीधे जुड़ते हैं
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स्थानीय समस्याओं को समझते हैं
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पारंपरिक ज्ञान और सांस्कृतिक संवेदनशीलता पर आधारित समाधान विकसित करते हैं
4. अंतरराष्ट्रीय संगठनों में करियर
UNICEF, UNDP, UNESCO, World Bank और UNO जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठन भी जनजातीय विकास परियोजनाओं के लिए शोधकर्ता, फील्ड एक्सपर्ट और कंसल्टेंट नियुक्त करते हैं। यह क्षेत्र International Careers in Tribal Development के लिए उपयुक्त है।
5. Tribal Entrepreneurship
जनजातीय हस्तशिल्प, हथकरघा और स्थानीय उत्पादों के प्रचार-प्रसार के लिए Tribal Entrepreneurship एक उभरता हुआ क्षेत्र है। इसमें:
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हस्तशिल्प आधारित स्टार्ट-अप
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स्वयं सहायता समूह (SHGs)
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सामाजिक उद्यम (Social Enterprises)
के माध्यम से रोजगार सृजन किया जा सकता है।


