नई दिल्ली. करियर डेस्क
फॉरेंसिक साइंस करियर की एक ऐसी फ़ील्ड है जो अपराधियों को पकड़ने में बहुत सहायक सिद्ध होती है। इसमें लॉजिक, टेक्नोलॉजी और साइंस का बेहतरीन तालमेल होता है.
क्या है फॉरेंसिक साइंस?
फॉरेंसिक साइंस में फिजिकल, केमिकल,बॉयोलॉजिक और डिजिटल प्रमाणों की जांच पड़ताल की जाती है। इसमें डीएनए, फिंगरप्रिंट, रक्त, बाल, दांत, चाकू, तलवार, पिस्तौल जैसे हथियार, मोबाइल से मिले डिजिटल डेटा जैसे कई सबूतों की गहन रूप से जांच की जाती है।
अब आईपीसी की जगह बीएनएस यानि भारतीय न्याय संहिता आ गया है। इसके तहत अब गंभीर किस्म के क्राइम्स से जुड़े जांच को प्रभावी तरीके से करने के लिए फॉरेंसिक एविडेंस का होना अनिवार्य कर दिया है।
ये भी पढ़िए– जनजातीय (Tribal) सेक्टर में करियर- शासन, प्रशासन, NGO, EMRS स्कूल में बेहतरीन अवसर.. Tribal Studies में कोर्स करके बनाएं ब्राइट फ्युचर
फॉरेंसिक साइंस में करियर ऑप्शन्स –
आज के बदलते दौर और बदलती तकनीकि के साथ-साथ समाज में आपराध लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अपराध और अपराधियों के रुप-स्वरूप भी बदलते और बढ़ते जा रहे हैं, ऐसे में फॉरेंसिक एक्सपर्ट की मांग लगातार बढ़ती जा रही है।
फॉरेंसिक एक्सपर्ट..क्राइम सीन से मिले सबूतों का वैज्ञानिक तरीके से एनालिसिस करते हैं इसके लिए फॉरेंसिक लैब में एविडेंस में भेजा जाता है। इसके बाद फॉरेंसिक रिपोर्ट आती है इसके आधार पर जांच एजेंसियों जैसे पुलिस, सीबीआई, से लेकर वकीलों और जजों को भी केस समझने में बहुत मदद मिलती है जिसके आधार पर पीड़ित को न्याय मिलता है।
अगर आपके पास फॉरेंसिक साइंस में डिग्री या डिप्लोमा है तो आप निम्नलिखित में से किसी भी संस्थान ज्वाइन कर सकते हैं-
- राज्य और केंद्रीय फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाएँ (FSL/CFSL)
- पुलिस विभाग और साइबर क्राइम सेल
- CBI, NIA, ED जैसी जाँच एजेंसियाँ
- न्यायालयों में विशेषज्ञ गवाह
- प्राइवेट फॉरेंसिक लैब्स
- शिक्षण और शोध संस्थान
- प्राइवेट डिटेक्टिव एजेंसियां
- साइबर क्राइम सेल
- कोर्ट लैबोरेटरी
- रिसर्च संस्थान
फॉरेंसिक साइंस- कोर्स, योग्यता और एडमिशन प्रॉसेस
अगर आपको फॉरेंसिक साइंस के फील्ड में अपना करियर बनाना है तो आपको 12वीं क्लास में फ़िज़िक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी/मैथ्स जैसे सब्जेक्ट्स में कम से कम 50 फ़ीसदी मार्क्स होने चाहिए। देश के कई राज्यों में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनीवर्सिटी (NFSU) के कैम्पस हैं. यहां पर एडमिशन के लिए कॉमन एंट्रेंस टेस्ट होता है।
इसके अलावा कई और सरकारी और प्राइवेट यूनीवर्सिटी से फॉरेंसिक साइंस में पढ़ाई कर सकते हैं जिसकी जानकारी नीचे दी गई है।
| डिग्री | कोर्स | योग्यता | विषय आवश्यक | अवधि |
| स्नातक (UG) | B.Sc. Forensic Science | 12वीं पास | Physics, Chemistry, Biology/Maths | 3 वर्ष |
| स्नातकोत्तर (PG) | M.Sc. Forensic Science | संबंधित विषय में स्नातक | PCM / Life Sciences | 2 वर्ष |
| स्नातकोत्तर (PG) | M.Sc. Cyber Forensics | B.Sc./B.Tech | कंप्यूटर/आईटी | 2 वर्ष |
| स्नातकोत्तर (PG) | M.Sc. Forensic Psychology | स्नातक (Psychology/Science) | Psychology | 2 वर्ष |
| डिप्लोमा | Diploma in Forensic Science | 12वीं पास | विज्ञान | 1 वर्ष |
| सर्टिफिकेट | Cyber Forensics Certificate | 12वीं/स्नातक | कंप्यूटर बेसिक | 3–6 माह |
भारत में प्रमुख फॉरेंसिक साइंस संस्थान
| संस्थान का नाम | स्थान | प्रमुख कोर्स |
| National Forensic Sciences University (NFSU) | गांधीनगर (Gujarat) | UG, PG, PhD (Forensic & Cyber) |
| Lok Nayak Jayaprakash Narayan National Institute of Criminology & Forensic Science (LNJN NICFS) | नई दिल्ली | PG Diploma / Training |
| University of Delhi | दिल्ली | M.Sc. Forensic Science |
| Banaras Hindu University (BHU) | वाराणसी | PG / Research |
| Osmania University | हैदराबाद | M.Sc. Forensic Science |
| Punjabi University | पटियाला | UG / PG Forensic Science |
| Amity University | नोएडा | UG / PG Forensic Science |
| Gujarat Forensic Sciences University (अब NFSU) | गुजरात | Forensic & Cyber Courses |
सैलरी स्ट्रक्चर
इस फील्ड में शुरुआती सैलरी स्ट्रक्चर 30-50 हज़ार रुपए प्रति महीने होता है वहीं एक्सपीरियंस बढ़ने के साथ साथ सैलरी 1.50 लाख या इससे अधिक भी हो सकता है।
फॉरेंसिक साइंस में फ्युचर
पुराने ज़माने से लेकर आज के बदलते समय में जनरल क्राइम्स से लेकर साइबर क्राइम्स लगातार बढ़ते जा रहे हैं। वेबसीरिज और फिल्मों के प्रभाव से अपराधी नए नए अपराध करने के तरीके सीख रहे हैं। ऐसे में फॉरेंसिक साइंस से जुड़े प्रोफेशनल्स की डिमांड लगातार बढ़ रही है इसलिए इस फील्मड में फ्युचर ब्राइट है।
फॉरेंसिक साइंस के फील्ड में फ्युचर…केवल एक करियर नहीं है, बल्कि ये अपराधियों को पकड़ने में मदद करके समाज को अपराध मुक्त करने की सेवा है इसके अलावा आप पीड़ित को न्याय दिलाने का माध्यम बनते हैं।


