नई दिल्ली. कहते हैं आज के दौर में महिलाएं पुरुषों से पीछे नहीं है. महिलाएं एक से बढ़कर एक ऐसे काम कर रही है जिनमें पहले पुरुषों का दबदबा हुआ करता था. देश के सबसे बड़े पॉवर सेंटर वाले ऑफिस यानि पीएमओ में वैसे तो कुछ महिलाएं कार्य कर रही हैं लेकिन हाल ही में एक बड़े पद पर बड़ी महिला अधिकारी की नियुक्ति हुई है जो इन दिनों चर्चा में हैं.
जी हां…हम बात कर रहे हैं इंडियन फॉरेन सर्विस यानि (IFS) अधिकारी निधि तिवारी की जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पर्सनल सेक्रेट्ररी यानि निजी सचिव के रूप में नियुक्त किया है. आइए जानते हैं कौन हैं निधि तिवारी ?
कौन हैं निधि तिवारी?
निधि तिवारी भारतीय विदेश सेवा की सीनियर ऑफिसर हैं। उनका जन्म वाराणसी में हुआ था जो कि पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र है। उन्होंने ग्रेजुएशन में बीएससी (बायोलॉजी) से किया और फिर पीजी यानि पोस्ट-ग्रेजुएशन बायोकेमिस्ट्री में बीएचयू से किया.
निधि ने अपने करियर की शुरूआत भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र से किया. यहां पर उनका सिलेक्शन बतौर वैज्ञानिक हुआ था लेकिन उनका मन यहां ज्यादा नहीं लगा और फिर उन्होंने साल 2008 में इस्तीफ़ा देकर सिविल सेवा परीक्षा की गंभीरतापूर्वक तैयारी शुरू कर दी.
उनके पति सुशील जायसवाल पेशे से डॉक्टर हैं. उन्होंने बताया कि “साइंटिस्ट की जॉब से रिजाइन करने के बाद उनका सिलेक्शन 2008 और 2009 में यूपी पीसीएस में हुआ था. वे 2008 में बीएसए यानि बेसिक शिक्षा अधिकारी बनीं थीं और फिर 2009 के यूपी पीसीएस के जरिए उनका सिलेक्शन असिस्टेंट कमिश्नर (सेल्स टैक्स) के पद पर हुआ था.
इसके बाद निधि ने 2013 में सिविल सेवा परीक्षा में 96वीं रैंक हासिल की थी और इसके बाद उन्होंने भारतीय विदेश सेवा में अपने करियर की शुरुआत की।
क्या है निधि तिवारी की ख़ासियत?
निधि तिवारी को इंटरनेशनल रिलेशन की अच्छी खासी नॉलेज है. उन्होंने 2014 बैच के IFS ऑफिसर के रुप में काम किया. इससे पहले विदेश मंत्रालय में निरस्त्रीकरण और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के विभाग में काम कर चुकी हैं। उनकी इसी खासियत के चलते प्राइम मिनिस्टर ऑफिस यानि (PMO) में उप सचिव के रूप में कार्य करने का मौका मिला.
इन दौरान उन्होंने कई मीटिंग्स और परियोजनाओं के कोऑर्डिनेशन का काम सफलतापूर्वक किया। उनकी योग्यता और क्षमता को देखते हुए उन्हें पीएम का निजी सचिव नियुक्त किया गया है।
अपनी नई भूमिका में वे पीएम के प्रशासनिक कार्यों को सीधे तौर पर देखेंगी, इसके अलावा उन्हें विदेश नीति और सुरक्षा नीति में काम करने का मौका मिलेगा। प्रधानमंत्री की मीटिंग्स और अलग अलग सरकारी विभागों के बीच कोऑर्डिनेशन का तालमेल बनाए रखना भी उनके कार्यों में शामिल है।
भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग यानि डीओपीटी ने 29 मार्च को उनकी नियुक्ति संबंधित आदेश जारी कर दिया है. उनको पे-लेवल 12 पर नियुक्त किया गया है जिसमें उनको लगभग 1.50 लाख रुपये हर महीने बतौर सैलरी मिलेगी इसके अलावा सभी सरकारी सुविधाएं और विभिन्न प्रकार के भत्ते भी मिलेंगे.
सरकार योग्य युवाओं को मौका देने को तैयार
निधि तिवारी की नियुक्ति से साफ होता है कि सरकार अपने सिस्टम में योग्य युवाओं को उनके टैलेंट के आधार पर मौका देना चाहती है.
निधि तिवारी की नियुक्ति से यह स्पष्ट होता है कि सरकार योग्य युवा अधिकारियों को मौका देना चाहती है. बिना किसी जेंडर भेदभाव से केवल टैलेंट के बेसिस पर महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त करना शुभ संकेत है. सरकारी सिस्टम के अंदर युवाओं की भूमिका प्रशासनिक और रणनीतिक लेवल पर बहुत उपयोगी साबित होगी।



