नई दिल्ली. करियर डेस्क । एनसीईआरटी के डॉक्टरेट फेलोशिप के लिए आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। इस फेलोशिप का उद्देश्य नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 202 के तहत एजुकेशन, टीचिंग-लर्निंग प्रॉसेस, एजुकेशनल पॉलिसी जैसे विषयों पर रिसर्च करना होता है। आइए जानते हैं इसकी डिटेल्स
आवश्यक योग्यता: किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट लेवल पर कम से कम 60% मार्क्स होना चाहिए। इसके अलावा उम्मीदवार को PhD में रजिस्ट्रेशन होना चाहिए या फिर कोर्स वर्क या रजिस्ट्रेशन प्रॉसेस होना चाहिए।
उम्र सीमा: अधिकतम 35 वर्ष । आरक्षित वर्ग में सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट मिलेगी।
कितनी मिलेगी फेलोशिप?
इस फेलोशिप के 10 स्कॉलर्स का सिलेक्शन किया जाएगा इनमें से 4 फैलोशिप चार क्षेत्रीय शिक्षा संस्थानों अजमेर, भोपाल, भुवनेश्वर और मैसूर के लिए एक-एक स्कॉलर का सिलेक्शन किया जाएगा लेकि अगर इन संस्थानों से कोई योग्य अभ्यर्थी नहीं मिलता तो फैलोशिप दूसरे योग्य और पात्र उम्मीदवारों को दी जाएगी।
चयनित फेलो जो कि यूजीसी नेट पास हैं उनको 37 हज़ार रुपए प्रति माह वहीं जो नॉन- नेट कंडीडेट्स को 35 हज़ार रुपए प्रति माह दिए जाएंगे। ये फेलोशिप एनसीईआरटी में सिलेक्शन डेट से अधिकतम 3 वर्ष के लिए होगी। इस अवधि के दौरान उन्हें 10 हज़ार रुपये प्रति वर्ष का आकस्मिक अनुदान भी प्राप्त होगा।
कैसे होगा सिलेक्शन?
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इच्छुक और पात्र उम्मीदवारों को NCERT की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर डॉक्टोरल फेलोशिप 2025 के लिए रजिस्ट्रेशन करें। इसके लिए इस लिंक पर क्लिक करें https://ncert.nic.in/
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ऑन लाइन एप्लीकेशन फॉर्म भरें और मांगे गए डॉक्युमेंट्स को अपलोड करें इसके बाद सभी एजुकेशनल डॉक्युमेंट्स, पीएचडी रजिस्ट्रेशन लेटर और रिसर्च प्रपोजल को स्पीड पोस्ट से एनसीईआरटी को भेजना होगा।
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रिसर्च प्रपोजल 1500 शब्दों में होना चाहिए जिसमें रिसर्च का उद्देश्य, रिसर्च डिजाइन, अध्ययन का समसामयिक महत्व आदि लिखा होना चाहिए
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शॉर्टलिस्टेड कंडीटेट्स को इंटरव्यु के लिए बुलाया जाएगा जिसमें उम्मीदवारों को अपने रिसर्च प्रपोजल को पीपीटी के ज़रिए प्रजेंटेशन देना होगा, इसी दौरान सिलेक्शन कमेटी के लोग आपसे सवाल कर सकते हैं।
- ध्यान रहे डॉक्टोरल फेलोशिप में PhD में एडमिशन नहीं मिलता। यह फेलोशिप PhD कर रहे रिसर्च स्कॉलर्स के लिए है।
ज्यादा जानकारी और एप्लीकेशन फॉर्म के लिए इस ऑफिशियल लिंक पर क्लिक करें – https://ncert.nic.in/pdf/notice/NDF_2025_English.pdf
फेलोशिप और स्कॉलरशिप में अंतर–
फेलोशिप रिसर्च करने के लिए दी जाती है खास तौर पर एमफिल और पीएचडी के रिसर्च स्कॉलर्स को जिन्हें रिसर्च संबंधी कार्य करना होता है, रिपोर्ट, थीसिस, रिसर्च पेपर लिखना होता है। इस कार्य के लिए उन्हें निर्धारित समय ( जैसे 2-3 साल) तक हर महीने निर्धारित पैसे मिलते हैं।
वहीं स्कॉलरशिप में छात्रों को उनकी पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद दी जाती है। इसमें रिसर्च वर्क ज़रूरी नहीं होता है। स्कॉलरशिप विभिन्न राज्य सरकारों और संस्थानों द्वारा पात्र और योग्य छात्रों को निर्धारित समय के लिए दी जाती है।


