नई दिल्ली. फीचर डेस्क।
वैसे तो ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार, हर साल नया वर्ष 1 जनवरी से शुरू होता है, लेकिन भारतीय पंचांग और हिंदू धर्म में के अनुसार नए की शुरुआत जनवरी से नहीं, बल्कि चैत्र मास (अप्रैल) से होती है और फाल्गुन (फरवरी) आखिरी महीना होता है। खैर आप किसी भी नए साल को मानें लेकिन अगर आप नववर्ष में ये 9 संकल्प लेते हैं जो सिर्फ संकल्प लेने तक सीमित नहीं है बल्कि उसे सच में मानते हैं, नियमित तौर पर अनुसरण करते हैं तो आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि ज़रूर आएगी
1. स्वस्थ तन-मन से सुखमय जीवन
आपको अपने हेल्थ को सबसे पहले प्राथमिकता देनी है। इसके लिए पैदल चलें, नियमित व्यायाम करें, सादा भोजन करें, जंक फूड-फास्ट फूड से बचें। याद रहे यदि आपका शरीर स्वस्थ नहीं है तो सुख, शांति और समृद्धि नहीं मिलेगी। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और पर्याप्त नींद को दिनचर्या का हिस्सा बनाना इस वर्ष का पहला संकल्प होना चाहिए।
2. सकारात्मक सोच अपनाएँ
कहते हैं कि नज़र का इलाज हो सकता है नजरिए का नहीं। हर किसी के जीवन में सुख और दुख आता जाता रहता है। हर किसी के जीवन में संघर्ष होता है, कई तरह की परेशानियां होती हैं लेकिन कुछ लोग की सोच और स्वभाव में इतनी नकारात्मकता भरी होती है कि वे अपने जीवन में मिली छोटी छोटी खुशियों की ओर ध्यान ही नहीं देते इसलिए ज़रूरी है ये कि हर हाल में सकारात्मक सोच रखे, अपने स्वभाव में सकारात्मक दृष्टिकोण लाएं इससे आप समस्या पर नहीं उसके समाधान पर फोकस करेंगे और इस तरह आप मानसिक रूप से मजबूत बनेंगे।
3. समय का सदुपयोग
समय का चक्र नियमित चलता रहता है। साल दर साल बदलते रहते हैं लेकिन क्या हमारा हाल भी बदल रहा है..ये बड़ा सवाल है..अपना हाल बदलने के लिए अपने समय का सदुपयोग करे। याद रखें आपको एक निर्धारित समय मिला है और ख़ास बात ये है कि किसी भी इंसान को नहीं पता कि उसके पास कितना समय शेष है इसलिए समय ऐसी कीमती संपत्ति है जो लगातार घट रही है इसलिए अपने समय को बर्बाद न करें, समय के साथ चलें और इसका सही से उपयोग करें।
4. निरंतर सीखने की आदत
वैसे तो आज के भाग-दौड़ भरी ज़िंदगी में ऑफिस और रोजमर्रा के कार्यों में हर इंजान बिजी हो जाता है लेकिन समय निकालने से निकलता है जैसे वीक ऑफ वाले दिन या छुट्टियों वाले दिन कुछ न कुछ नया सीखें, अपनी मनपसंद किताब पढ़ें, कोई नई स्किल्स सीखें इससे आप आज की तकनीक के साथ खुद को अपडेट रख सकते हैं।
5. प्रकृति और पर्यावरण से प्रेम
विकास की अंधी दौड़ में अगर हम प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम नहीं करेंगे तो हम अपना सबसे बड़ा नुकसान करेंगे इसलिए हम सबकी ये सामूहिक ज़िम्मेदारी है कि हम जल, जगंल, ज़मीन, नदी, पेड़, पहाड़ को बचाएं। पेड़ लगाना, प्लास्टिक का उपयोग नहीं करना और जल-संरक्षण करना, पानी बर्बाद नहीं करना आदि। यदि हर व्यक्ति ये छोटे छोटे कदम उठाए तो बहुत बड़े बदलाव ला सकते हैं।
6. परिवार और संबंधों को समय
आज के जीवन में व्यक्ति आत्मकेंद्रित होता जा रहा है। संयुक्त परिवार की जगह एकल परिवारों का चलन बढ़ा है। भागदौड़ भरी जिंदगी में रिश्ते अक्सर पीछे छूट जाते हैं लेकिन ये अच्छी बात नहीं है। फैमिली फर्स्ट का फार्म्युला हमेशा याद रखें क्योंकि हम मेहनत करते हैं, कमाते हैं तो किसके लिए…फैमिली के लिए ही न…अब फैमिली का अर्थ अपनी बीवी और बच्चों के अलावा और भी लोग होते हैं जिन्हें समय समय पर मिलते रहना चाहिए और जितना हो सके ज़रूरत पड़ने पर उनकी मदद करनी चाहिए। ऐसे ही अपने अच्छे और सच्चे मित्रों को भी समय देना चाहिए। याद रहे गिफ्त हो नहीं होता है जो पैसों से खरीदकर दिया जाता है, किसी को अपना समय देना अनमोल उपहार होता है इसलिए अपने संबंधों को समय दें ताकि जीवन में संतुलन बना रहे।
7. अनुशासन और आत्मनियंत्रण
हम बहुत कुछ प्लान करते हैं लेकिन ऐसा हो नहीं पाता, जैसे हम संकल्प लेते हैं लेकिन कुछ दिन बाद छोड़ देते हैं. ऐसा होना स्वाभाविक है क्योंकि हमारा मन बहुत चंचल होता है। मायावी है हमारा मन जो हमें कंट्रोल करना चाहता है लेकिन हमारी जीत तब है जब हम अपने मन को कंट्रोल करें, ऐसा आप आत्म अनुशासन के ज़रिए कर सकते हैं।
8. देश और समाज के लिए योगदान
हमें क्या मिला, इससे ज़रूरी सवाल है कि हमने क्या दिया…हम अपने परिवार, समाज और देश को क्या दे रहे हैं, इस सवाल का जवाब हर ज़िम्मेदार और जवाबदेह नागरिक जानता है इसलिए संकल्प लीजिए कि जितना हो सके, हमें अपने लेवल पर अपने जरूरतमंदों की सहायता करें और सामाजिक कार्यों में भागीदारी करें। देश को मज़बूत बनाने की दिशा में काम करें
9. आत्ममूल्यांकन और सुधार
कोई भी इंसान परफेक्ट नहीं होता। हर किसी में खूबियां और खामियां होती हैं लेकिन अगर हम संकल्प करें कि हम अपनी खामियों को एक-एक करके खत्म करेंगे और खूबियों को बढ़ाएंगे और ये संभव तभी होगा जब हम अपने आचार-विचार और व्यवहार का समय-समय पर मूल्यांकन करें, गलतियों से सीखेंगें तभी हमें विकास की दिशा की दिशा में आगे बढ़ेंगें।
निष्कर्ष
नववर्ष के ये 9 संकल्प यदि ईमानदारी से अपनाए जाएँ, तो जीवन में सकारात्मक बदलाव निश्चित है। छोटे-छोटे कदम मिलकर बड़े परिणाम लाते हैं। आइए, इस नए साल में संकल्पों को केवल सोच तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें अपने कर्म में उतारकर एक उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करें।
हमारे सभी पाठकों को नववर्ष 2026 की मंगलकामनाएं


