उधर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार अपने बदलते बयानों की वजह से सुर्खियों में हैं. ईरान और इजरायल युद्ध के बीच वे जी 7 की बैठक में गए लेकिन फिर बीच में ही छोड़कर वापस आ गए.
ट्रंप ने एक बयान में कहा था कि वे दो हफ्तों के बाद ईरान के खिलाफ कुछ बहुत बड़ा करने वाले हैं. इससे लग रहा था कि अमेरिका बहुत सोच विचार कर इस जंग में इजरायल की तरफ से शामिल होगा लेकिन 2 दिन के अंदर ही अमेरिका इस जंग में शामिल हो गया है.
अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु ठिकानों- फोर्डो, नतांज और इस्फहान पर एयर स्ट्राइक यानि हवाई हमला किया है. इस हमले की पुष्टि स्वयं डोनाल्ड ट्रंप ने की है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर एक पोस्ट लिखकर इस बारे में जानकारी दी है।
विदेश नीति के जानकारों के मुताबिक अमेरिका के युद्ध में शामिल होने से तीसरे विश्व युद्ध की आशंका बढ़ गई है क्योंकि ईरान के साथ रुस, चीन, पाकिस्तान, तुर्किए और मिडिल ईस्ट के मुस्लिम देश भी आ सकते हैं.
दोनों देशों के बीच कौन किस पर भारी पड़ रहा है ये कहना मुश्किल है क्योंकि दोनों ही देश ईंट का जवाब पत्थर से देने में लगे हैं. अमेरिका के युद्ध में कूदने से फिलहाल ईजरायल का पलड़ा भारी लग रहा है.


