एजेंसी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 5 देशों की अपनी सरकारी यात्ना के पहले चरण में घाना पहुंच गए हैं. पीएम मोदी का एयरपोर्ट पर स्वागत करने के लिए घाना के राष्ट्रपति जॉन ड्रॉमनी महामा पहुंचे हुए थे. पीएम मोदी को इस अवसर पर गार्ड ऑफ ऑनर के तहत 21 तोपों की सलामी दी गई।
भारत-घाना के बीच हस्ताक्षर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और घाना के राष्ट्रपति जॉन महामा के बीच जुबली हाउस में द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों नेताओं ने आपसी संबंधों को और अधिक मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण तरीकों पर चर्चा की। बैठक के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य में कहा गया है कि भारत-घाना साझेदारी को एक व्यापक साझेदारी का रूप दिया जाएगा।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत, घाना के राष्ट्र निर्माण की यात्रा में सिर्फ भागीदार ही नहीं बल्कि सहयात्री भी है। दोनों देशों के बीट सांस्कृतिक और पारंपरिक संगीत के क्षेत्रों सहित चार समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए। भारत ने घाना में जन औषधि केंद्र खोलने का प्रस्ताव रखा, जिससे वहां के लोगों को सस्ती और सही दवाएं मिल सकेंगी.
इसके अलावा वैक्सीन उत्पादन और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर भी सहयोग बढ़ाने की सहमति बनी. घाना ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में समर्थन दिया है. दोनों देश काउंटर-टेररिज्म सहयोग को एक नए स्तर पर ले जाएंगे.
पीएम मोदी को मिला घाना का सर्वोच्च राजकीय सम्मान
पीएम मोदी को ‘कम्पैनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना’ से सम्मानित किया गया है. ये घाना का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है. प्रधानमंत्री मोदी को यह पुरस्कार घाना के राष्ट्रपति जॉन ड्रामानी महामा ने दिया है. पीएम मोदी को उनके “प्रतिष्ठित शासन कौशल और प्रभावशाली वैश्विक नेतृत्व” के लिए ये सम्मान दिया गया है।
इस सम्मान के लिए घाना के लोगों और उनके राष्ट्रपति का आभार व्यक्त करते हुए मोदी ने कहा कि यह सम्मान भारत के युवाओं, उसकी संस्कृति और भारत-घाना की ऐतिहासिक साझेदारी को समर्पित है. उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार केवल उनका नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का है। उन्होंने ये सम्मान भारत और घाना के बीच ऐतिहासिक रिश्तों, युवाओं की आकांक्षाओं और दोनों देशों की सांस्कृतिक विविधता को समर्पित किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और घाना के रिश्ते अब सिर्फ इतिहास की किताबों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देश नए भविष्य की मजबूत बुनियाद रख रहे हैं.


