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दिवाली पर बुजुर्गों के चेहरों पर खिली मुस्कान…वृद्धाश्रम के बुजुर्गों का इस संस्था ने रखा ध्यान

बुजुर्गों के पास ज्ञान और अनुभव का भंडार होता है। परिवार के लोगों को समाज को उनके इस भंडार का लाभ उठाना चाहिए। दुर्भाग्य से कई बुजुर्गों को किसी न किसी कारणवश अपना बुढ़ापा वृद्धाश्रम में गुजारना पड़ता है। ऐसे में कुछ सामाजिक संगठन उनकी खुशियों को बढ़ाने का नेक कार्य करते हैं। दिल्ली में ऐसे ही एक संस्था "हमारा देश, हमारे जवान ट्रस्ट" ने दिल्ली के एक वृद्धाश्रम में जाकर बुजुर्गों के साथ समय बिताया, उनसे बातें की और उनकी खुशियों को बढ़ाने का कार्य किस तरह से किया, आइए जानते हैं

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नई दिल्ली. सामाजिक कार्य में अग्रणी और देश के सुरक्षा बलों को समर्पित संगठन “हमारा देश, हमारे जवान ट्रस्ट” ने दिल्ली के एक वृद्धाश्रम में जाकर उनके दुख दर्द बांटे.

बुजुर्गों का रखा ध्यान

दिवाली के मौके पर जहां लोग इस त्योहार का आनंद अपने घरों में अपने लोगों के साथ मना रहे हैं वहीं हमारे ही समाज का एक सच ये भी है कि बहुत से बूढ़े लोग वृद्धाश्रम में रहकर ये त्योहार मना रहे हैं।

ऐसे में “हमारा देश, हमारे जवान ट्रस्ट” ने बुजुर्गों के साथ गुणवत्तपूर्ण समय बिताया। ट्रस्ट के सदस्यों ने वृद्धाश्रम जाकर उनसे बातें की और ये जानने की कोशिश कि आखिरकार उन्हें किन परिस्थियों में घर छोड़ना पड़ा और यहां वो कैसे आए है क्या उनके बेटे या बेटी या कोई भी परिवार के सदस्य कभी उनके पास आकर उनका हाल-चाल लेते हैं तो पता चला कि जिन बच्चों के लिए उन्होंने अपनी ज़िंदगी खपा दी, वे सब अब अपनी अपनी ज़िंदगी में व्यस्त हैं और उन्हें अपने बुजुर्गों की कोई परवाह नहीं है।

इस अवसर पर बुजुर्गों के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा गया. उनका मेडिकल चेकअप किया गया। संस्था की तरफ से उन्हें ये अहसास दिलाया गया कि वे अकेले नहीं हैं, हम सब लोग उनके साथ हैं।

ट्रस्ट की ओर वृद्धजनों को दिवाली के मौके पर मिठाइयां, सर्दियों के कपड़े, और रोजमर्रा की जिंदगी में काम आने वाले सामान गिफ्ट के रुप में दिए गए। ट्रस्ट की तरफ से ट्रस्ट की सचिव भावना शर्मा,ट्रस्ट के मेंटोर DIG M S Negi (Retd)., मंजू नेगी, डेजी ने बुजुर्गों को ये सब भेंट के रुप में दिया। ट्रस्ट के सदस्यों से मिले अपनेपन से बुजुर्गों के चेहरों पर मुस्कान खिल गई।

ट्रस्ट की सचिव भावना शर्मा जी ने कहा कि समाज में वृद्धाश्रम का होना ही अपने आप में दुखद है लेकिन यदि किसी बुजुर्ग को किसी भी कारण से यहां रहना पड़ रहा है तो उनको अकेलापन ना सताए इसलिए इसलिए हम सब यहां आते रहेंगे और उनसे मिलकर उनका दुख दर्द बांटते रहेंगे।

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