नई दिल्ली (पीआईबी)
केंद्र सरकार ने खेती, पोषण और स्वास्थ्य को एक साथ जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने “सेहत मिशन” लॉन्च किया है।
नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में इस मिशन की शुरुआत की गई। यह पहल Indian Council of Agricultural Research (ICAR) और Indian Council of Medical Research (ICMR) की साझेदारी से शुरू की गई है।
क्या है सेहत मिशन?
सरकार के अनुसार “SEHAT” यानी “Science Excellence for Health through Agricultural Transformation” का उद्देश्य खेती को बेहतर पोषण, रोग-निवारण, किसान कल्याण और वैज्ञानिक नीति-निर्माण से जोड़ना है। मिशन के जरिए कुपोषण, सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी और गैर-संचारी रोगों की रोकथाम में मदद मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य नीति में आएंगे बड़े बदलाव- स्वास्थ्य मंत्री
कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने कहा कि “सेहत मिशन” भारत की स्वास्थ्य नीति में बड़े बदलाव का संकेत है। उन्होंने कहा कि अब सरकार केवल बीमारी के इलाज पर नहीं, बल्कि रोकथाम, समय पर पहचान और निरंतर देखभाल पर जोर दे रही है। उनके अनुसार कृषि और स्वास्थ्य संस्थानों का यह सहयोग वैज्ञानिक, कम लागत और प्रभावी समाधान विकसित करने में मदद करेगा।
जो खाना है, वही उगाना है- कृषि मंत्री
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि “जो खाना है, वही उगाना है” की सोच के साथ यह मिशन स्वस्थ भारत की दिशा तय करेगा। उन्होंने कहा कि अब केवल अधिक उत्पादन पर्याप्त नहीं है, बल्कि पोषणयुक्त और स्वास्थ्यवर्धक उत्पादन पर ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कोदो, कुटकी, ज्वार, रागी और बाजरा जैसे पारंपरिक अनाजों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
मंत्री ने बताया कि यह मिशन बायो-फोर्टिफाइड फसलों, पोषणयुक्त खाद्य पदार्थों, एकीकृत खेती, किसानों की स्वास्थ्य सुरक्षा और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के लिए उपयुक्त आहार पर केंद्रित रहेगा। इसके तहत खेती से थाली और थाली से स्वास्थ्य तक वैज्ञानिक संबंध स्थापित किया जाएगा।
(प्रेस रिलीज)



