प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी 4 दिन की ब्राजील यात्रा और ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान कहा है कि के देशों को विश्व में सम्मानजनक स्थान मिलना चाहिए। इसके लिए सभी बड़ी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार होना चाहिए।
‘ग्लोबल साउथ के बिना वैश्विक संस्थाएं- सिम में नेटवर्क के बिना मोबाइल’
पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि विकास, संसाधनों के वितरण और सुरक्षा के मामले में ग्लोबल साउथ के देशों के साथ अक्सर भेदभाव होता है. ग्लोबल साउथ के देशों को वर्ल्ड लेवल पर पालिसी मेकिंग में प्राथमिकता देने की जरूरत है। ग्लोबल साउथ के देशों के हितों को समुचित महत्व दिया जाना चाहिए. दुर्भाग्य से ग्लोबल साउथ के देशों को जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए धन, सतत विकास और प्रौद्योगिकी उपलब्धता जैसे मुद्दों पर केवल आश्वासन दिये जाते हैं। इसलिए ग्लोबल साउथ के देशों को एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए
श्री मोदी ने कहा कि ग्लोबल साउथ के बगैर वैश्विक संस्थाएं एक ऐसे मोबाइल फोन की तरह हैं जिसके सिम में नेटवर्क नहीं है।वैश्विक अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका वाले कई देशों को भी वैश्विक संस्थाओं की निर्णयकारी प्रक्रिया में शामिल किया जाना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि बात केवल इन संस्थाओं में प्रतिनिधित्व की नहीं, बल्कि भरोसे और असर की भी है।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2025 का घोषणा पत्र जारी
ब्राजील के रियो में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2025 का घोषणा-पत्र जारी कर दिया गया है. इसमें बहुत सी महत्वपूर्ण बातें कही गई हैं. घोषणा पत्र में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले की सभी सदस्य देशों ने कड़ी निन्दा की । इस हमले में 26 लोग मारे गए थे।
ब्रिक्स नेताओं ने कहा कि ब्रिक्स देश सीमा-पार आतंकवाद, आतंकवाद के लिए धन उपलब्ध कराने और आतंकियों को पनाह देने सहित हर प्रकार के आतंकवाद से निपटने के लिए संकल्पित है। ब्रिक्स नेताओं ने आतंकवाद को बिल्कुल बर्दाश्त न करने और आतंकवाद के प्रति दोहरे मानदण्ड को नहीं अपनाए जाने की बात कही गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा पर्यावरणीय और वैश्विक स्वास्थ्य परस्पर जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत में सदियों से प्रकृति की पूजा होती रही है। श्री मोदी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन की रोकथाम भारत के लिए एक नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि अगले वर्ष भारत के ब्रिक्स का अध्यक्ष बनने पर सहयोग और सतत विकास को और अधिक बढ़ावा दिया जाएगा।
‘भारत-ब्राजील के बीच बीस अरब डॉलर का होगा व्यापार’
प्रधानमंत्री मोदी ने राजधानी ब्राज़ीलिया में, ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला द सिल्वा से मुलाकात की। उन्होंने घोषणा की कि अगले पांच वर्ष में दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाकर बीस अरब डॉलर किया जाएगा। श्री मोदी ने राष्ट्रपति सिल्वा के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दोनों देश मर्कोसुर व्यापार समझौते का दायरा बढ़ाने के लिए काम करेंगे ताकि इसमें और अधिक उत्पादों को शामिल किया जा सके तथा भारतीय निर्यातकों के लिए बाज़ार की उपलब्धता बढ़ाई जा सके। मर्कोसुर समझौते में ब्राज़ील, अर्जेंटीना, पराग्वे और उरुग्वे शामिल हैं।
श्री मोदी ने यह घोषणा भी की कि भारत, ब्राज़ील में भी डिजिटल भुगतान के लिए यू.पी.आई. व्यवस्था लागू करने में सहयोग करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, डिजिटल सावर्जनिक ढांचे, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, कृषि तकनीक और मूल्यवर्धित खाद्य निर्यात के क्षेत्रों में ब्राज़ील के साथ सहयोग बढ़ाने की काफी संभावनाएं हैं।
ब्राज़ील के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित हुए पीएम मोदी
ब्राजील के राष्ट्रपति सिल्वा ने प्रधानमंत्री मोदी को ब्राज़ील के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया. इस सम्मान का नाम है ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द साउदर्न क्रॉस‘। राष्ट्रपति सिल्वा ने कहा कि पीएम को यह सम्मान दोनों देशों के संबंधों को प्रगाढ़ करने और महत्वपूर्ण वैश्विक मंचों पर भारत-ब्राज़ील संबंधों को बढा़वा देने में असाधारण योगदान के लिए प्रदान किया गया है।
इस सम्मान पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी ने ब्राजील के लोगों और वहां के राष्ट्रपति का आभार व्यक्त किया और कहा कि ये सम्मान भारत के 140 करोड़ लोगों का सम्मान है. दोनों देश मिलकर सफलता की एक नई इबारत लिखेंगे।
(पीआईबी / एजेंसी)


