📞
समाचारों और विज्ञापनों के लिए संपर्क करें News & Advertisement Enquiry
best news portal development company in india

विश्व जल दिवस 2026: पानी की हर बूंद होती है ख़ास…पानी नहीं करें बर्बाद..अन्यथा कैसे बुझेगी आने वाली पीढ़ियों की प्यास?

'जल है तो कल है'। हर वर्ष 22 मार्च को विश्व जल दिवस मनाया जाता है जो हर व्यक्ति को उसकी जिम्मेदारी का अहसास दिलाता है कि वह पानी का सही उपयोग करे और आने वाली पीढ़ियों के लिए इस अनमोल संसाधन को बचाकर रखे। भारत में कई राज्यों में पानी की कमी एक गंभीर समस्या बन चुकी है। भूजल स्तर लगातार गिर रहा है और कई शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चों को आज भी कई किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता है। आइए जानते हैं क्या है विश्व जल दिवस का उद्देश्य और हम जल संरक्षण की दिशा में क्या कर सकते हैं?

SHARE:

PC- UN
नई दिल्ली। हर वर्ष 22 मार्च को पूरे विश्व में विश्व जल दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों को जल के महत्व के प्रति जागरूक करना और जल संरक्षण के लिए प्रेरित करना है। बढ़ती जनसंख्या, शहरीकरण और जलवायु परिवर्तन के कारण दुनिया भर में जल संकट गहराता जा रहा है, ऐसे में यह दिन और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
जल संरक्षण का लें संकल्प- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व जल दिवस पर देशवासियों से जल संरक्षण का संकल्प दोहराने की अपील की। उन्होंने कहा कि पानी न केवल जीवन का आधार है, बल्कि पृथ्वी के भविष्य को भी दिशा देता है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर उन्होंने लिखा कि हर बूंद की अहमियत समझते हुए हमें जल का जिम्मेदारी से उपयोग करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यह दिन उन लोगों के प्रयासों की सराहना करने का अवसर है, जो जल संरक्षण, जागरूकता और सतत विकास को बढ़ावा दे रहे हैं।
विश्व जल दिवस का इतिहास

विश्व जल दिवस, हर साल 22 मार्च को मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत वर्ष 1993 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा की गई. संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, विश्व जल दिवस के माध्यम से उन 21 लाख लोगों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है जो सुरक्षित जल तक पहुंच से वंचित हैं।

विश्व जल दिवस के उद्देश्य

विश्व जल दिवस का प्रमुख उद्देश्य का मुख्य उद्देश्य स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना और जल संसाधनों के सतत प्रबंधन पर जोर देना है। साल 2030 तक सभी के लिए जल और स्वच्छता उपलब्ध करना है।

विश्व जल दिवस 2026 की थीम

हर साल इस दिन एक विशेष थीम रखी जाती है, जिसके माध्यम से जल से जुड़े अलग-अलग मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। 2024 में, विषय था शांति के लिए जल का उपयोग; 2025 में, ग्लेशियर संरक्षण।

साल 2026 की थीम है- विषय जल और लैंगिक समानता 

भारत में जल संकट की स्थिति
भारत में कई राज्यों में पानी की कमी एक गंभीर समस्या बन चुकी है। भूजल स्तर लगातार गिर रहा है और कई शहर ‘डे-ज़ीरो’ की स्थिति की ओर बढ़ रहे हैं।
क्यों जरूरी है जल संरक्षण?
जल जीवन का आधार है। बिना पानी के न तो खेती संभव है और न ही मानव जीवन। इसलिए जल का सही उपयोग और संरक्षण बेहद जरूरी है। यदि अभी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में पानी की कमी गंभीर संकट का रूप ले सकती है।
कैसे करें जल संरक्षण?
  • वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) को अपनाएं
  • नलों को खुला न छोड़ें और पानी की बर्बादी रोकें
  • जल का पुनः उपयोग (Reuse) करें
  • पेड़-पौधे लगाकर पर्यावरण संतुलन बनाए रखें
  • लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करें
सबसे ज्यादा पढ़ी गई ख़बरें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे लंबे समय तक सरकार के प्रमुख रहने का बनाया रिकॉर्ड…गुजरात के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री कार्यकाल को मिलाकर 8,931 दिन किए पूरे..PM मोदी ने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के 8,930 दिनों तक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करने के रिकॉर्ड को तोड़ा 

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार दिवस पर राज्य के लोगों को दी शुभकामनाएं…पीएम मोदी ने कहा ..भारतीय विरासत को भव्यता और दिव्यता प्रदान करने वाला बिहार प्रगति के पथ पर अग्रसरित है

सरकार ने राज्यों को कमर्शियल LPG के लिए 20 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन को मंजूरी दी ..इसमें रेस्तरां, ढाबे, होटल, औद्योगिक कैंटीन, डेयरी, रियायती कैंटीन और राज्य या स्थानीय निकायों द्वारा संचालित अन्य क्षेत्रों को मिलेगी प्राथमिकता