नई दिल्ली। हर वर्ष 22 मार्च को पूरे विश्व में विश्व जल दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों को जल के महत्व के प्रति जागरूक करना और जल संरक्षण के लिए प्रेरित करना है। बढ़ती जनसंख्या, शहरीकरण और जलवायु परिवर्तन के कारण दुनिया भर में जल संकट गहराता जा रहा है, ऐसे में यह दिन और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
जल संरक्षण का लें संकल्प- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व जल दिवस पर देशवासियों से जल संरक्षण का संकल्प दोहराने की अपील की। उन्होंने कहा कि पानी न केवल जीवन का आधार है, बल्कि पृथ्वी के भविष्य को भी दिशा देता है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर उन्होंने लिखा कि हर बूंद की अहमियत समझते हुए हमें जल का जिम्मेदारी से उपयोग करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यह दिन उन लोगों के प्रयासों की सराहना करने का अवसर है, जो जल संरक्षण, जागरूकता और सतत विकास को बढ़ावा दे रहे हैं।
विश्व जल दिवस का इतिहास
विश्व जल दिवस, हर साल 22 मार्च को मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत वर्ष 1993 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा की गई. संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, विश्व जल दिवस के माध्यम से उन 21 लाख लोगों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है जो सुरक्षित जल तक पहुंच से वंचित हैं।
विश्व जल दिवस के उद्देश्य
विश्व जल दिवस का प्रमुख उद्देश्य का मुख्य उद्देश्य स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना और जल संसाधनों के सतत प्रबंधन पर जोर देना है। साल 2030 तक सभी के लिए जल और स्वच्छता उपलब्ध करना है।
विश्व जल दिवस 2026 की थीम
हर साल इस दिन एक विशेष थीम रखी जाती है, जिसके माध्यम से जल से जुड़े अलग-अलग मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है। 2024 में, विषय था शांति के लिए जल का उपयोग; 2025 में, ग्लेशियर संरक्षण।
साल 2026 की थीम है- विषय जल और लैंगिक समानता
भारत में जल संकट की स्थिति
भारत में कई राज्यों में पानी की कमी एक गंभीर समस्या बन चुकी है। भूजल स्तर लगातार गिर रहा है और कई शहर ‘डे-ज़ीरो’ की स्थिति की ओर बढ़ रहे हैं।
क्यों जरूरी है जल संरक्षण?
जल जीवन का आधार है। बिना पानी के न तो खेती संभव है और न ही मानव जीवन। इसलिए जल का सही उपयोग और संरक्षण बेहद जरूरी है। यदि अभी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में पानी की कमी गंभीर संकट का रूप ले सकती है।
कैसे करें जल संरक्षण?
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वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) को अपनाएं
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नलों को खुला न छोड़ें और पानी की बर्बादी रोकें
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जल का पुनः उपयोग (Reuse) करें
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पेड़-पौधे लगाकर पर्यावरण संतुलन बनाए रखें
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लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करें
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