नई दिल्ली (पीआईबी)। सरकार एक ऐसा शैक्षिक अभियान लेकर आई है जो पढ़ाई छोड़ चुके छात्रों के लिए वरदान साबित हो सकता है। देशभर के जो छात्र किसी भी वजह से अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ चुके हैं उनको अब अपनी पढ़ाई पूरी करने का मौका मिलेगा।
क्या कहते हैं आंकड़े?
Periodic Labour Force Survey 2023-24 के आंकड़े बताते हैं कि:
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14 से 18 वर्ष के लगभग 2 करोड़ बच्चे स्कूल से बाहर हैं।
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कक्षा 3 से 8 तक के करीब 11% बच्चे पढ़ाई नहीं कर रहे।
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हर साल 5 लाख से अधिक छात्र बोर्ड परीक्षाओं में असफल होते हैं।
साल 2030 तक 100% नामांकन का लक्ष्य
एनईपी यानी National Education Policy 2020 के अनुसार, सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक प्री-स्कूल से माध्यमिक स्तर तक सभी बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जाए।
अधूरी पढ़ाई ओपेन स्कूल से होगी पूरी
जो बच्चे आर्थिक, सामाजिक या अन्य कारणों से नियमित स्कूल नहीं जा पाते, उनके लिए ओपन स्कूलिंग एक बेहतर विकल्प है।National Institute of Open Schooling (एनआईओएस) इस दिशा में अहम भूमिका निभा रहा है। यह दुनिया का सबसे बड़ा ओपन स्कूल बोर्ड है, जहां छात्रों को मिलती हैं:
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आसानी से एडमिशन
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कई बार परीक्षा देने का मौका
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ऑन-डिमांड परीक्षा सुविधा
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रोजगार से जुड़े कोर्स
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दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष व्यवस्था
‘एनआईओएस मित्र’ कार्यक्रम की शुरुआत
बच्चों तक पहुंच आसान बनाने के लिए एनआईओएस “एनआईओएस मित्र” कार्यक्रम शुरू करेगा।
इसकी खास बातें:
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प्रशिक्षित लोग समुदाय में जाकर बच्चों की पहचान करेंगे
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एडमिशन और पढ़ाई में मदद करेंगे
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विशेष ध्यान गरीब, आदिवासी, प्रवासी और कमजोर वर्गों पर होगा
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पूरी प्रक्रिया डिजिटल तरीके से मॉनिटर होगी
हर ब्लॉक में खुलेगा एनआईओएस केंद्र
देशभर में पहले से ही 10,800 से अधिक एनआईओएस स्टडी और परीक्षा केंद्र हैं। अब सरकार की योजना है कि:
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हर ब्लॉक में कम से कम एक एनआईओएस केंद्र खोला जाए
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इससे ज्यादा से ज्यादा बच्चों को लचीली शिक्षा का लाभ मिलेगा
नई शिक्षा नीति के तहत बच्चों की पढ़ाई पर नजर रखने और उन्हें समय पर मदद देने पर जोर दिया गया है। इसी के तहत:
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राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर अभियान चलाया जाएगा
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जिला स्तर पर सर्वे के जरिए बच्चों की पहचान होगी
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उन्हें दोबारा स्कूल या शिक्षा प्रणाली से जोड़ा जाएगा
सरकार के प्रमुख फैसले
सरकार इस अभियान के तहत कई अहम फैसले ले रही है:
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केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और पीएम श्री स्कूलों को एनआईओएस केंद्र बनाना
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सरकारी स्कूलों में एनआईओएस परीक्षाएं कराने को बढ़ावा देना
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हर पंचायत और नगर क्षेत्र में एनआईओएस केंद्र विकसित करना
सरकार के इन फैसलों से उम्मीद है कि पढ़ाई छोड़ चुके बच्चे अब अपनी पढ़ाई पूरी करके अच्छा करियर बनाएंगे
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