नई दिल्ली। सरकार को सबसे ज्यादा फोकस शिक्षा और स्वास्थ्य पर करना चाहिए। सरकार ने आम बजट 2026-27 के लिए प्रस्तुत बजट में शिक्षा क्षेत्र को ₹1.39 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है। इसका उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार और स्किल्स को बढ़ावा देना है।
नई शिक्षा नीति (NEP) के लक्ष्यों को हासिल करेगा शिक्षा बजट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारामण ने आम बजट 2026 में शिक्षा मंत्रालय को कुल ₹1.39 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है। यह पिछले वित्त वर्ष की तुलना में लगभग 8.27 प्रतिशत अधिक है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान कहना है कि यह बढ़ा हुआ बजट नई शिक्षा नीति (NEP) के लक्ष्यों को हासिल करने में मदद करेगा।
स्कूल शिक्षा को क्या मिला?
- स्कूल शिक्षा बजट: ₹83,562 करोड़
- सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर फोकस
- डिजिटल क्लासरूम और स्मार्ट लर्निंग को बढ़ावा
- छात्राओं के लिए हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल की योजना
उच्च शिक्षा को क्या मिला?
- उच्च शिक्षा बजट: ₹55,727 करोड़
- विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) का बजट बढ़ाकर 3,709 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
- AICTE यानि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद का बजट भी बढ़ाकर 230 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
- विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा
- टेक्निकल और प्रोफेशनल शिक्षा पर विशेष ध्यान
- पाँच यूनिवर्सिटी टाउनशिप स्थापित करने का प्रस्ताव
रोजगार आधारित शिक्षा पर फोकस
- एजुकेशन से एम्प्लॉयमेंट स्टैंडिग कमेटी का गठन
- इंडस्ट्री की जरूरत के अनुसार कोर्स और स्किल ट्रेनिंग
- युवाओं को जॉब-रेडी बनाने पर फोकस
क्रिएटिव और डिजिटल एजुकेशन पर फोकस
- 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC Content Creator Labs की स्थापना
- एनीमेशन, गेमिंग, VFX और डिजिटल मीडिया की पढ़ाई को बढ़ावा
- डिज़ाइन और क्रिएटिव सेक्टर के लिए नए संस्थान प्रस्तावित
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और उभरती तकनीकों पर आधारित स्किल्स
- डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म का विस्तार
- भविष्य की नौकरियों के लिए छात्रों को तैयार करने की योजना
एजुकेशन सेक्टर को क्या नहीं मिला ?
- NEET, IITs, IIMs, MBBS की सीटें नहीं बढ़ाई गईं
- कोई नई स्कॉलरशिप की घोषणा का एलान नहीं हुआ
- पीएम इंटर्नशिप के बजट में कटौती की गई
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