नई दिल्ली. राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार का मुख्य उद्देश्य उन वैज्ञानिकों, तकनीकी विशेषज्ञों और नवोन्मेषकों को पहचान देना है, जिन्होंने अपने शोध, खोज या तकनीकी नवाचार के माध्यम से समाज और राष्ट्र के विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया है। यह पहल न केवल उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित करेगी, बल्कि युवाओं को विज्ञान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित भी करेगी।
कौन कर सकता है आवेदन?
यह पुरस्कार सरकारी और निजी संस्थानों में कार्यरत वैज्ञानिकों, तकनीकी विशेषज्ञों और नवोन्मेषकों के लिए खुला है। इसके अलावा, वे भारतीय मूल के लोग जो विदेश में रहते हुए भारतीय समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं, वे भी इसके पात्र हैं। विशेष बात यह है कि व्यक्तिगत और टीम दोनों स्तरों पर आवेदन किया जा सकता है।
पुरस्कार की चार प्रमुख श्रेणियां
राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार को चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है
-
विज्ञान रत्न जीवनभर के उत्कृष्ट योगदान के लिए
-
विज्ञान श्री – विशिष्ट उपलब्धियों के लिए
-
विज्ञान युवा-शांति स्वरूप भटनागर – 45 वर्ष तक के युवा वैज्ञानिकों के लिए
-
विज्ञान टीम – टीम के रूप में किए गए असाधारण कार्य के लिए
इन पुरस्कारों के माध्यम से विभिन्न आयु वर्ग और कार्यक्षेत्र के वैज्ञानिकों को समान अवसर प्रदान किया जाएगा।
किन क्षेत्रों में मिलेगा सम्मान?
यह पुरस्कार 14 प्रमुख क्षेत्रों में दिया जाएगा, जिनमें कृषि विज्ञान, परमाणु ऊर्जा, जैविक विज्ञान, रसायन विज्ञान, रक्षा प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान, इंजीनियरिंग, पर्यावरण विज्ञान, गणित एवं कंप्यूटर विज्ञान, चिकित्सा, भौतिकी, अंतरिक्ष विज्ञान, तकनीक एवं नवाचार शामिल हैं। इसके अलावा अन्य उभरते क्षेत्रों को भी शामिल किया जा सकता है। महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
आवेदन प्रक्रिया और चयन
इच्छुक उम्मीदवार या संस्थान राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल (awards.gov.in) के माध्यम से ऑनलाइन नामांकन कर सकते हैं। खास बात यह है कि स्वयं-नामांकन की भी सुविधा उपलब्ध है।
सभी प्राप्त नामांकन एक उच्च स्तरीय समिति राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार समिति (RVPC) के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे। इस समिति की अध्यक्षता भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार द्वारा की जाएगी।
चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाएगा, ताकि केवल वास्तविक और उत्कृष्ट योगदान देने वाले वैज्ञानिकों को ही सम्मानित किया जा सके। आवेदन करने की अंतिम तिथि 11 मई 2026 है।
महत्वपूर्ण नियम
-
यह पुरस्कार ‘टाइटल’ (उपाधि) के रूप में उपयोग नहीं किया जा सकता।
-
पुरस्कार स्वरूप सम्मान पत्र (Sanad) और मेडल प्रदान किया जाएगा।
-
आमतौर पर मरणोपरांत पुरस्कार नहीं दिए जाएंगे, सिवाय विशेष परिस्थितियों के।
-
अनुपस्थित रहने पर किसी अन्य व्यक्ति को पुरस्कार प्राप्त करने की अनुमति नहीं होगी (मरणोपरांत मामलों को छोड़कर)।
कब दिए जाएंगे पुरस्कार?
राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार न केवल वैज्ञानिकों के योगदान को मान्यता देगा, बल्कि भारत को एक ज्ञान-आधारित और नवाचार-प्रेरित समाज बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
इन पुरस्कारों का वितरण राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर 23 अगस्त को किया जाएगा। यह पहल देश में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने और नई खोजों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
Post Views: 14




