नई दिल्ली. फीचर डेस्क
हमारा देश सबसे युवा देश है क्योंकि हमारे यहां पर 65 फीसद आबादी 35 वर्ष से कम युवाओं की है। देश के सभी युवाओं को समर्पित है राष्ट्रीय युवा दिवस जो हर साल 12 जनवरी को मनाया जाता है।
स्वामी विवेकानंद को पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि
राष्ट्रीय युवा दिवस स्वामी विवेकानंद की जयंती के उपलक्ष में मनाया जाता है। ये दिवस मनाने की शुरुआत साल 1984 से हुई थी। इस अवसर पर पीएम मोदी ने सोशल मीडिया में लिखा
“भारतीय युवाशक्ति के सशक्त प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद को उनकी जयंती पर मेरी आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। उनका व्यक्तित्व और कृतित्व विकसित भारत के संकल्प में निरंतर नई ऊर्जा का संचार करने वाला है। मेरी कामना है कि राष्ट्रीय युवा दिवस का यह दिव्य अवसर सभी देशवासियों, विशेषकर हमारे युवा साथियों के लिए नई शक्ति और नया आत्मविश्वास लेकर आए।”
विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026
विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026 का आयोजन 9 जनवरी से 12 जनवरी 2026 तक हुआ। इसमें देश भर से 50 लाख से अधिक युवाओं ने अलग-अलग लेवल पर पार्टिसिपेट किया।
नेशनल लेवल पर एक चैंपियनशिप का आयोजन हुआ जिसमें देश के युवा नेताओं को तीन-चरणों वाली चयन प्रक्रिया के माध्यम से सिलेक्ट किया गया। इस प्रॉसेस में देश भर में आयोजित डिजिटल क्विज, एक निबंध प्रतियोगिता और राज्य-स्तरीय विजन संबंधी प्रस्तुतियां शामिल हैं। पीएम मोदी ने भारत मंडपम में आयोजित एक समारोह में इन युवाओं को संबोधित भी किया।
स्वामी विवेकानंद जी के विचार
स्वामी विवेकानंद जी के जीवन से बहुत कुछ सीख सकते हैं और उन्होंने कहा था कि जब तक हम खुद पर विश्वास नहीं कर सकते तब तक भगवान भी आप पर विश्वास नहीं करेंगे और ब्रह्मांड की सारी शक्तियां सबसे पहले हमारे अंदर ही तो आती हैं इसलिए खुद को कमजोर समझना सबसे बड़ा पाप है जैसा तुम सोचते हो वैसा ही तुम बन जाते हो
स्वामी विवेकानंद जी का सबसे फेमस कोट है उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य प्राप्त ना हो जाए। इसका अर्थ है कि हमें रुकना नहीं, थकना नहीं, बस मेहनत और ईमानदारी से प्रयास करते रहना है।
शिक्षा को लेकर स्वामी विवेकानंद जी कहना था कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी पाना नहीं है बल्कि चरित्र निर्माण है आत्मनिर्भरता है शिक्षा वह होती है जो हमें एक अच्छा नागरिक जिम्मेदार नागरिक बनाती है ताकि हम अपने समाज के लिए अपने देश के लिए काम आए।
स्वामी विवेकानंद जी की पहचान और प्रसिद्धि पूरे दुनिया में हो गई वो साल 1893 था जब उन्होंने अमेरिका के शिकागो शहर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय धर्म सम्मेलन में स्वामी जी ने भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
स्वामी विवेकानंद की शादी से जुड़ी कहानी
स्वामी विवेकानंद के जीवन से जुड़ी एक प्रेरक कहानी है और कहानी सिर्फ इतना है कि स्वामी विवेकानंद जी के विचारों से उनके भाषणों से एक अमेरिकी महिला बेहद प्रभावित हो गई और वह एक बार उनसे मिली और उनसे कहने लगी कि आपने अभी तक शादी क्यों नहीं की है तो उन्होंने कहा कि मैं तो राष्ट्र सेवा में निकला हूं और मैं तो इंसानियत की सेवा में निकला हूं
मेरे लिए शादी की कोई आवश्यकता नहीं है तो उस महिला ने कहा कि तब तो मेरा एक उद्देश्य अधूरा रह जाएगा स्वामी जी तो उन्होंने बोला वो क्या तब उस महिला ने कहा कि दरअसल मेरा एक सपना था कि मेरे पास आप जैसा ओजस्वी और तेजस्वी पुत्र हो तो इस बात पर स्वामी जी बेहद मुस्कुराए और उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा अरे इतनी सी बात तो इसमें आपको इतना हताश और निराश होने की क्या आवश्यकता है आप आज से बल्कि अभी से हमें अपने पुत्र की तरह स्वीकार कर लीजिए अब इस बात को सुनकर वह महिला बेहद प्रभावित हुई और बहुत हंसी।
इससे यह पता चलता है कि किस तरीके से स्वामी विवेकानंद जी के विचारों में तेज था ओज था और यही युवाओं को एक अलग पहचान देती है कि युवाओं को अपने समाज के लिए अपने राष्ट्र के लिए बहुत कुछ करना चाहिए और अपने देश को आगे बढ़ाने के लिए काम करना चाहिए



