नई दिल्ली. देशभर में अब कोई भी व्यक्ति और संस्था बिना लाइसेंस या पंजीकरण के लिए दूध और डेयरी का कारोबार नहीं कर सकेगा। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण – एफएसएसएआई (Food Safety and Standards Authority of India – FSSAI) ने दूध और डेयरी उत्पादों में बढ़ती मिलावट की शिकायतों के बाद दूध उत्पादन और उसकी बिक्री के लिए लाइसेंस अनिवार्य कर दिया है।
FSSAI की एडवाइज़री
FSSAI ने देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य खाद्य आायुक्तों को एडवाइज़री जारी की है। नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।
यदि कोई व्यक्ति या कंपनी दूध या उससे जुड़े उत्पादों का व्यवसाय शुरू करना चाहती है, तो उसे FSSAI रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस लेना अनिवार्य होता है। यह प्रक्रिया उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ व्यवसाय को कानूनी मान्यता भी देती है।
FSSAI रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया
दूध और दुग्ध उत्पादों के लिए FSSAI रजिस्ट्रेशन व्यवसाय के टर्नओवर और आकार के आधार पर तीन श्रेणियों में होता है।
1. ज़रूरी पात्रता
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बेसिक रजिस्ट्रेशन
छोटे व्यवसाय जिनका वार्षिक टर्नओवर 12 लाख रुपये तक है।
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स्टेट लाइसेंस
मध्यम स्तर के व्यवसाय जिनका टर्नओवर 12 लाख से 20 करोड़ रुपये के बीच है।
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सेंट्रल लाइसेंस
बड़े व्यवसाय जिनका टर्नओवर 20 करोड़ रुपये से अधिक है या जो आयात-निर्यात से जुड़े हैं।
2. आवश्यक डॉक्युमेंटस तैयार करें
FSSAI रजिस्ट्रेशन के लिए निम्नलिखित डॉक्युमेंटस जरूरी होते हैं:
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पहचान और पते का प्रमाण
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व्यवसाय पंजीकरण से संबंधित दस्तावेज
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उत्पादन स्थल का लेआउट प्लान
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दूध और दुग्ध उत्पादों की सूची
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फूड सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम (FSMS) योजना
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पानी की गुणवत्ता की टेस्ट रिपोर्ट
3. ऑनलाइन आवेदन करें
आवेदक को Food Licensing and Registration System (FLRS) पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। इसके लिए https://foscos.fssai.gov.in/ पर क्लिक करें। यहां आवश्यक डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने के बाद आवेदन जमा किया जाता है।
4. निरीक्षण और सत्यापन
आवेदन के बाद FSSAI अधिकारी उत्पादन स्थल का निरीक्षण कर सकते हैं। इस दौरान यह देखा जाता है कि उत्पादन प्रक्रिया और स्वच्छता मानक खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुरूप हैं या नहीं।
5. लाइसेंस प्राप्त करें
यदि सभी दस्तावेज और निरीक्षण सही पाए जाते हैं, तो आवेदक को FSSAI रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट या लाइसेंस जारी कर दिया जाता है।
भारत में दूध और दुग्ध उत्पादों का कारोबार तेजी से विस्तार कर रहा है। ऐसे में Food Safety and Standards Authority of India के नियमों का पालन करना हर व्यवसाय के लिए जरूरी है। FSSAI रजिस्ट्रेशन न केवल कानूनी सुरक्षा देता है, बल्कि उपभोक्ताओं का भरोसा जीतने और बाजार में मजबूत पहचान बनाने में भी मदद करता है।
किसको लाइसेंस नहीं लेना होगा?
डेयरी सहकारी समितियों के सदस्यों को लाइसेंस नहीं लेना होगा यानी जो किसान या पशुपालक किसी रजिस्टर्ड सहकारी समिति से जुड़े हैं और उन्हें दूध देते हैं, उन्हें व्यक्तिगत रूप से अलग लाइसेंस लेने की आवश्यकता नहीं होगी।
मिलावट के ‘मुजरिमों’ पर सख्त कार्रवाई ?
FSSAI की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि कुछ दूध उत्पादक और दूध विक्रेता बिना लाइसेंस कारोबार कर रहे हैं। ऐसे मामलों में सख्ती कार्रवाई की जानी ज़रूरी है। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को जांच के भी निर्देश दिए गए हैं। किसी भी तरह की मिलावट करने वाले ‘मुजरिमों’ पर सख्त कार्रवाई होगी।
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