नेहा
योग और वेलनेस सेक्टर में हाई-इनकम प्रोफेशनल करियर बन चुका है। युवा छात्र 12वीं के बाद बीएससी योगा, बीए योग एजुकेशन, डिप्लोमा इन योग थेरेपी, और सर्टिफिकेट जैसे कोर्स करके सरकारी या प्राइवेट सेक्टर में शानदार करियर बना सकते हैं।
बदलती जीवनशैली, बढ़ते तनाव और फिटनेस के प्रति वैश्विक जागरूकता ने योग विशेषज्ञों की मांग में भारी उछाल ला दिया है। योग के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करने के लिए आप अपनी रुचि और समय के अनुसार कई शैक्षणिक विकल्प चुन सकते हैं।
जरूरी कोर्सेज और योग्यता
इस क्षेत्र में प्रोफेशनल बनने के लिए शॉर्ट-टर्म सर्टिफिकेट से लेकर डिग्री कोर्सेज उपलब्ध हैं:
सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्सेज:
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Certificate in Yoga (CCY): 1 से 3 महीने का कोर्स (शुरुआती स्तर के लिए)।
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Diploma in Yoga Education / Yoga Therapy: 1 साल का कोर्स (बारहवीं के बाद)।
डिग्री कोर्सेज (ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन):
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B.Sc. / B.A. in Yoga: 3 साल का अंडरग्रेजुएट कोर्स। बीए इन योगा यह तीन वर्ष का स्नातक है, जिसमें योग के इतिहास,दर्शन और आयुर्वेद के बारे में पढ़ाया जाता है।
बीएससी योग साइंस भी तीन वर्ष का स्नातक है, इसमे योग विज्ञान शरीर की रचना,कार्डियोपल्मोनरी फिजियोलॉजी और योग थेरेपी की गहन पढ़ाई कराई जाती है।
डिप्लोमा इन योग थेरेपी,सर्टिफिकेट कोर्स इन योग जैसी भी शिक्षण संस्थान हैं। जो की 3 या 6 महीने या 1वर्ष का शॉर्ट-टर्म कोर्स होते हैं, जो योग का बुनियादी ज्ञान देकर तेजी से ट्रेनर बनने में मदद करते हैं।
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Bachelor of Naturopathy and Yogic Sciences (BNYS): 5.5 साल का मेडिकल डिग्री कोर्स (इसमें डॉक्टर की उपाधि मिलती है)।
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M.Sc. / M.A. in Yoga: 2 साल का पोस्ट-ग्रेजुएट कोर्स।
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Ph.D. in Yoga: रिसर्च और टीचिंग में जाने के लिए।
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महत्वपूर्ण प्रमाणन (Certification): भारत सरकार के Ministry of AYUSH के अंतर्गत आने वाले Yoga Certification Board (YCB) का सर्टिफिकेट होना आपके करियर को बड़ी विश्वसनीयता देता है।
भारत के प्रमुख संस्थान (Top Institutes)
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मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (MDNIY), नई दिल्ली
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एस-व्यास (S-VYASA) योग यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु
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कैवल्यधाम योग संस्थान, लोनावला (पुणे)
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देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार
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पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार
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करियर के प्रमुख विकल्प
इस सेक्टर में आप अपनी रुचि के अनुसार निम्नलिखित भूमिकाओं में कदम रख सकते हैं:
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योग ट्रेनर/इंस्ट्रक्टर (Yoga Trainer/Instructor): व्यक्तिगत (Personal), ग्रुप या कॉर्पोरेट क्लाइंट्स को योग और प्राणायाम सिखाना।
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योग थेरेपिस्ट (Yoga Therapist): विशिष्ट बीमारियों (जैसे बैक पेन, स्ट्रेस, अस्थमा, मोटापा) के इलाज के लिए योग का उपयोग करना।
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वेलनेस कोच/सलाहकार (Wellness Coach): लोगों को जीवनशैली में सुधार, तनाव प्रबंधन और मानसिक शांति के लिए गाइड करना।
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रिसर्चर या अकादमिक (Researcher/Academician): योग के वैज्ञानिक प्रभावों पर रिसर्च करना या कॉलेज/यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर बनना।
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एंटरप्रेन्योर (Entrepreneur): खुद का योग स्टूडियो, वेलनेस सेंटर, या ऑनलाइन फिटनेस प्लेटफॉर्म शुरू करना।
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कमाई और स्कोप
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शुरुआती स्तर (Fresher): एक नए योग इंस्ट्रक्टर या वेलनेस कोच के रूप में आप ₹20,000 से ₹35,000 प्रति माह कमा सकते हैं।
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अनुभवी प्रोफेशनल (Experienced): अनुभव बढ़ने और खुद का क्लाइंट बेस बनने के बाद, यह कमाई ₹50,000 से लेकर लाखों रुपये प्रति माह तक जा सकती है।
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ग्लोबल स्कोप: विदेशों (जैसे यूएसए, यूरोप, दुबई) में भारतीय योग गुरुओं और वेलनेस एक्सपर्ट्स की भारी मांग है। आप ऑनलाइन क्लासेस के जरिए दुनिया भर के क्लाइंट्स को घर बैठे भी सिखा सकते हैं।
करियर का स्कोप
योग कोर्स पूरा करने के बाद रोजगार के ढेरों विकल्प खुल जाते हैं। योग ट्रेनर, जिम, फिटनेस क्लब, हेल्थ और वेलनेस सेंटर्स में फुल-टाइम या पार्ट-टाइम योग ट्रेनर के रूप में काम कर सकते हैं।
योग थेरेपिस्ट अस्पतालों और फिजियोथेरेपी क्लीनिकों में मरीजों को बीमारियों से उबरने के लिए योग सिखा सकते हैं। इसके अलावा स्कूल-कॉलेज से लेकर विश्वविद्यालयों में फिजिकल एजुकेशन टीचर या योग प्रोफेसर बन सकते हैं।
इसके अलावा कॉर्पोरेट सेक्टर जैसे आईटी फील्ड में कर्मचारियों के तनाव को कम करने के लिए कॉर्पोरेट ट्रेनर के रूप में भी काम कर सकते हैं।
इसके अलावा अपना खुद का व्यवसाय भी कर सकते हैं जैसे कि ऑनलाइन ट्रेनर अपने यूट्यूब चैनल के जरिए कर सकते हैं। इसके अलावा अपना योगा स्टूडियो भी स्थापित करके दुनिया भर के लोगों को योगा और वेलनेस की ट्रेनिंग दे सकते हैं। जैसे-जैसे आप का अनुभव बढ़ता जाता है, आपकी कमाई भी लगातार बढ़ती जाती है।
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