नई दिल्ली। करियर डेस्क
‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ देश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और कंपनियों पर नए कर्मचारियों की भर्ती का बोझ कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस योजना के तहत पहली बार नौकरी पाए युवाओं के हाथ में 15 हजार रुपए तो मिंलेगे ही साथ ही में देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को भी ग्लोबल मार्केट में मजबूत होने के लिए एक बड़ा वर्कफोर्स मिलेगा।
कितना है बजट?
कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इस योजना का नाम ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ रखा गया है। सरकार ने इस योजना के लिए ₹99,446 करोड़ का बजट तय किया है, जिसके जरिए अगले 2 साल में 3.5 करोड़ से ज्यादा नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य है।
इस योजना को दो मुख्य भागों में बांटा गया है ताकि काम करने वाले (कर्मचारी) और काम देने वाले (नियोक्ता/कंपनी) दोनों को इसका सीधा फायदा मिल सके।
आवश्यक पात्रता
यह हिस्सा पूरी तरह से उन युवाओं के लिए है जो पहली बार देश के वर्कफोर्स का हिस्सा बन रहे हैं और जिनका रजिस्ट्रेशन कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में पहली बार हो रहा है।
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हर वह युवा जो पहली बार किसी ऐसी कंपनी में भर्ती हो रहा है जो EPFO के तहत आती है, और जिसकी मासिक सैलरी ₹1 लाख या उससे कम है।
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सरकार ऐसे कर्मचारियों को उनकी पहली नौकरी पर ₹15,000 तक की वित्तीय सहायता मिलेगी।
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पैसे मिलने का नियम: यह राशि सीधे कर्मचारी के आधार से जुड़े बैंक खाते में (Direct Benefit Transfer – DBT के जरिए) दो किस्तों में भेजी जाएगी:
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पहली किस्त: नौकरी में लगातार 6 महीने पूरे होने पर मिलेगी।
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दूसरी किस्त: 12 महीने की सेवा पूरी होने और EPFO द्वारा तय एक छोटा ‘वित्तीय साक्षरता कोर्स’ (Financial Literacy Programme) ऑनलाइन पास करने के बाद मिलेगी।
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जिस कंपनी में नौकरी कर रहे हैं, वह EPFO के तहत रजिस्टर्ड होनी चाहिए। इसके अलावा निम्नलिखित डॉक्युमेंट्स भी चाहिए
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कंपनी का ज्वाइनिंग लेटर
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ईपीएफओ का UAN नंबर
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आधार कार्ड
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आधार कार्ड से लिंक्ड बैंक अकाउंट की पासबुक
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केंद्र सरकार की ELI योजना के तहत जैसे ही आपका EPF खाता खुलेगा, वैसे ही आप इस योजना के लिए पात्र हो जाएंगे। केंद्र सरकार अपने आप ही आपके आधार कार्ड से जुड़े बैंक अकाउंट में DBT के जरिए इस योजना की प्रोत्साहन राशि भेज देगी।
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कंपनियों को भी मिलेगा प्रोत्साहन
यह हिस्सा कंपनियों को इस बात के लिए प्रोत्साहित करता है कि वे अपने व्यापार को बढ़ाएं और ज्यादा से ज्यादा नए लोगों को नौकरी पर रखें।
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सैलरी की सीमा: यह लाभ भी ₹1 लाख प्रति माह तक की सैलरी वाले नए कर्मचारियों को रखने पर ही मिलेगा।
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भर्ती की शर्तें:
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अगर कंपनी में 50 से कम कर्मचारी हैं, तो उसे कम से कम 2 नए लोग रखने होंगे।
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अगर कंपनी में 50 या उससे अधिक कर्मचारी हैं, तो न्यूनतम 5 नए लोगों को काम पर रखना होगा।
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इन नए कर्मचारियों को कम से कम 6 महीने तक नौकरी पर बनाए रखना जरूरी है।
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सरकार कंपनियों को हर नए कर्मचारी के लिए ₹3,000 प्रति माह तक की वित्तीय सहायता 2 साल के लिए देगी। यह पैसा कंपनी के पैन (PAN) से लिंक बैंक खाते में जाएगा।
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अधिक जानकारी के लिए इस आधिकारिक लिंक पर क्लिक करें- https://pmvbry.epfindia.gov.in/
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