सनोबर पारदीवाला की कहानी उन युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा है जो कुछ अलग और चुनौतीपूर्ण करना चाहते हैं। उन्होंने यह साबित किया है कि मेहनत, साहस और सही प्रशिक्षण के दम पर महिलाएं किसी भी क्षेत्र में अपनी पहचान बना सकती हैं।
पर्दे के पीछे रहकर खतरों से खेलने वाले ऐसे कलाकार ही फिल्मों को रोमांचक बनाते हैं। आपके जीवन और करियर पर बीबीसी तक डॉक्यूमेंट्री बना चुका है। आपने स्टंट में करियर बनाने का फैसला कब किया
मुझ तो लगभग 12-13 साल की उम्र में समझ आ गया था कि स्टंट की दुनिया में अपना करियर बना सकती हैं।मेरे पैरेंट्स ने हमेशा मेरा साथ दिया और मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मैंने ऐश्वर्या राय की स्टंट डबल बनकर अपने करियर की शुरुआत की थी। इस फिल्म का नाम था और प्यार हो गया जिसमें बॉबी देओल और ऐश्वर्या राय की प्रमुख भूमिकाएं थीं।
जब आपने करियर की शुरूआत की थी तब से अब तक स्टंट के फील्ड में क्या परिवर्तन देखती हैं।
स्टंट के फील्म में जब मैंने करियर शुरू किया था तब और अब की स्टंट इंडस्ट्री में जमीन-आसमान का फर्क आ चुका है। पहले सुरक्षा उपकरण बेहद भारी और सीमित होते थे। आज टेक्नोलॉजी की वजह से स्टंट पहले से ज्यादा सुरक्षित और प्रोफेशनल हो गए हैं। स्टंट इंडस्ट्री में महिलाओं के लिए रेड कार्पेट नहीं बिछा होता।
स्टंट इंडस्ट्री को अक्सर पुरुष प्रधान माना जाता है। इस पर सनोबर कहती हैं कि किसी भी क्षेत्र में महिलाओं को शुरुआत में संघर्ष करना पड़ता है, लेकिन सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ा जा सकता है। कोई भी प्रोफेशन महिलाओं को रेड कार्पेट एंट्री नहीं देता। लेकिन अगर आप सकारात्मक सोच के साथ मेहनत करें, तो रास्ते अपने आप बनते जाते हैं।”
अक्सर देखने में आता है कि शूटिंग के दौरान किसी ख़तरनाक स्टंट करते समय आर्टिस्ट को गंभीर चोट लग गई..कभी बार तो डेथ भी हो जाती है ऐसे में स्टंट आर्टिस्ट की सेफ्टी के लिए प्रोड्युसर क्या इंतजाम करते हैं
स्टंट के दौरान होने वाले हादसों का रिस्क तो रहता है तभी तो इस क्षेत्र में सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। स्टंट में कोई भी समझौता नहीं होना चाहिए। अगर सुरक्षा के नियमों को गंभीरता से लिया जाए, तो हादसों की संभावना काफी कम हो जाती है।
आजकल कई फिल्म स्टार्स खुद अपने स्टंट करने की कोशिश करते हैं। इससे स्टंट आर्टिस्ट पर क्या असर पड़ता है?
देखिए असर तो पड़ता है। जिसका जो काम है, उसी को करना चाहिए। स्टंट प्रोफेशनल्स का काम प्रोफेशनल्स को ही करना चाहिए। अगर कोई बड़ा स्टार घायल हो जाए तो पूरी फिल्म रुक सकती है और प्रोडक्शन को भारी नुकसान हो सकता है। इसलिए प्रशिक्षित स्टंट आर्टिस्ट्स की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।
स्टंट आर्टिस्ट बनने के लिए क्या योग्यता और स्किल्स होनी चाहिए?
मैं खुद कराटे ब्लैक बेल्ट हूं और स्कूबा डाइविंग, पैराग्लाइडिंग, किक बॉक्सिंग और कई एडवेंचर स्पोर्ट्स में ट्रेनिंग ली है। इस फील्ड में आने के लिए फिटनेस और ट्रेनिंग बेहद जरूरी है। स्टंट में सिर्फ रोमांच पसंद होना काफी नहीं है। इस क्षेत्र में आने के लिए प्रोफेशनल ट्रेनिंग और फिटनेस सबसे जरूरी चीज है।”
आप स्टंट इंडस्ट्री में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं को क्या मैसेज देना चाहेंगे?
युवाओं को सलाह देते हुए सनोबर ने कहा कि स्टंट इंडस्ट्री में रिस्क बहुत ज्यादा है, इसलिए हमेशा एक बैकअप करियर होना चाहिए। अगर किसी चोट की वजह से आप लंबे समय तक काम नहीं कर पाते, तो दूसरा स्किल या करियर ऑप्शन आपके लिए सहारा बन सकता है।
वैसे अभी तक कोई बड़ा आधिकारिक स्टंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट नहीं है। इसलिए युवाओं को अलग-अलग स्किल्स में खुद को प्रशिक्षित करना पड़ता है।अगर किसी को बाइक स्टंट पसंद हैं तो उसे बाइकिंग की प्रोफेशनल ट्रेनिंग लेनी चाहिए। अगर पानी में स्टंट करना है तो स्कूबा डाइविंग सीखनी होगी।
अगर आप स्टंट इंडस्ट्री में आना चाहते हैं, तो सबसे पहले खुद को ट्रेन करें, फिट रखें और अपने शरीर को समझें। यह सिर्फ ग्लैमर नहीं बल्कि बहुत अनुशासन और मेहनत वाला प्रोफेशन है।
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