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पीएम मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में छात्रों से किया संवाद…जानिए छात्रों के सवालों का क्या दिया जवाब?

पीएम मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ के 9वें संस्करण में छात्रों से संवाद किया। उन्होंने बोर्ड एग्जाम से पहले ‘परीक्षा पे चर्चा’ के माध्यम से छात्रों के मन से एग्जाम के प्रेशर को दूर करने के लिए टिप्स दिए। नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर आयोजित इस संवाद में उन्होंने छात्रों की जिज्ञासाओं का किस तरह से समाधान किया, आइए जानते हैं

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पीएम मोदी ने छात्रों के साथ की 'परीक्षा पे चर्चा' PC- PIB

नई दिल्ली। पीएम मोदी ने ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम के दौरान छात्रों को परीक्षा से जुड़े प्रेशर और डर को दूर करने के लिए बहुत से टिप्स दिए। पीएम मोदी ने छात्रों के साथ संवाद करते हुए परीक्षा, शिक्षा, कौशल, समय प्रबंधन और जीवन मूल्यों से जुड़े कई विषयों पर छात्रों को प्रेरक संदेश दिया।

अपने तरीके से करें पढ़ाई

उन्होंने कहा कि हर छात्र की अपनी शैली और गति होती है। जैसे भोजन करने के तरीके अलग-अलग होते हैं, वैसे ही पढ़ाई के तरीके भी भिन्न होते हैं। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे सुझाव अवश्य सुनें, पर अपनी पद्धति पर भरोसा रखें और अनुभव से सुधार करें। शिक्षक-छात्र तालमेल पर उन्होंने कहा कि शिक्षकों की गति छात्रों से बस एक कदम आगे होनी चाहिए, ताकि लक्ष्य चुनौतीपूर्ण भी रहे और सुलभ भी।

शिक्षा और परीक्षा में बैलेंस जरूरी

मार्क्स जरूरी या स्किल्स..इस सवाल के जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि दोनों के बीच बैलेंस होना चाहिए। लाइफ स्किल्स और प्रोफेशनल स्किल्स दोनों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ज्ञान से ही कौशल विकसित होता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा केवल परीक्षा या अंकों तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन निर्माण का माध्यम है।

टेंशन फ्री होकर दें एग्जाम

तनाव प्रबंधन पर उन्होंने पूर्ण सहभागिता, एकाग्रता और वर्तमान में जीने की सलाह दी। समय प्रबंधन हेतु सोने से पहले कार्यों की सूची बनाने और आत्मविश्लेषण का सरल उपाय सुझाया। गेमिंग, करियर, प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं और शोरगुल जैसे व्यावहारिक प्रश्नों पर भी उन्होंने सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने को प्रेरित किया।

विकसित भारत 2047 का रखें संकल्प

बड़े सपनों पर उन्होंने कहा कि सपने अवश्य देखें, पर उन्हें कर्म से जोड़ें। विकसित भारत 2047 के संकल्प से जोड़ते हुए युवाओं को स्वदेशी अपनाने, कौशल बढ़ाने और जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया। इस प्रेरक संवाद ने छात्रों में आत्मविश्वास, संतुलन और उद्देश्यपूर्ण तैयारी का संदेश सुदृढ़ किया।

तीन भाषाओं में गीत सुनकर मुग्ध हुए पीएम

संवाद के दौरान एक संगीतमय क्षण भी आया, जब सिक्किम की छात्रा ने तीन भाषाओं में रचित देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया और अन्य छात्रा ने अपनी माता द्वारा लिखा गीत गाया। प्रधानमंत्री ने उनकी प्रतिभा की सराहना करते हुए युवाओं की रचनात्मकता को राष्ट्र की शक्ति बताया।

(PIB)

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