नई दिल्ली. पीएम-युवा योजना भारतीय साहित्य को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। पीएम-युवा 3.0 योजना के लिए देशभर से युवा लेखकों से एप्लीकेशन प्राप्त हुए थे। इसमें अभ्यर्थियों को अपने बुक प्रपोज़ल और राइटिंग सैंपल्स भेजे थे जिसका मूल्याकंन विशेषज्ञ समिति ने किया और इसके बाद योग्य युवाओं का सिलेक्शन किया गया।
कितने युवा लेखकों का हुआ सिलेक्शन?
नेशनल बुक ट्रस्ट के मुताबिक, इस बार 43 युवा लेखकों का सिलेक्शन हुआ है जिसमें 19 महिलाएं और 24 पुरुष हैं। इन लेखकों की चयनित बुक प्रपोजल्स को 6 महीने में बुक के रुप पब्लिश किया जाएगा। इसके लिए इन लेखकों को विद्वानों का मार्गदर्शन भी मिलेगा।
कितनी मिलेगी छात्रवृत्ति?
चयनित लेखकों को 6 महीने तक लगभग 50,000 रुपये प्रतिमाह की छात्रवृत्ति दी जाती है। इस अवधि में उन्हें अनुभवी मेंटर्स का मार्गदर्शन मिलता है।
योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि तैयार पुस्तकों को नेशनल बुक ट्रस्ट द्वारा प्रकाशित किया जाता है, जिससे युवा लेखकों को राष्ट्रीय पहचान मिलती है। इसके अलावा लेखकों को आजीवन 10 प्रतिशत लॉयल्टी भी मिलेगी।
इस वर्ष पीएम-युवा 3.0 के लिए राष्ट्र-निर्माण में भारतीय प्रवासी समुदाय का योगदान, भारतीय ज्ञान परंपरा तथा आधुनिक भारत के निर्माता(1950–2025) निर्धारित विषय थे।
चयनित पांडुलिपियां नॉन-फिक्शन श्रेणी की हैं, जिनमें इतिहास, संस्कृति, विज्ञान, दर्शन, शासन व्यवस्था, सामाजिक सुधार और भारत की वैश्विक सहभागिता जैसे विषयों के माध्यम से भारत के अतीत, वर्तमान और भविष्य को प्रस्तुत किया गया है।
बुक फेयर का आयोजन
नई दिल्ली में पुस्तक मेले का आयोजन 10 से 18 जनवरी, 2026 तक आयोजित किया जाएगा। पीएम-युवा 3.0 के अंतर्गत पुस्तकों का पहला समूह अगले वर्ष प्रकाशित किया जाएगा। इसका उद्देश्य भारत और विदेशों में भारतीय साहित्य और विचारधारा का प्रतिनिधित्व करने वाले नई पीढ़ी के लेखकों को तैयार करना है।
रिजल्ट कैसे करें चेक- रिजल्ट चेक करने के लिए नेशनल बुक ट्रस्ट के इस आधिकारिक वेबसाइट पर क्लिक करें


