कोलकाता, (एजेंसी)। पश्चिम बंगाल में हिंसक बवाल जारी है. बंगाल के कई इलाकों में वक्फ कानून के खिलाफ धरना प्रदर्शन ने हिंसक रूप धारण कर लिया है। मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा में 3 लोगों के मारे जाने की ख़बर है, वहीं कई लोग गंभीर रुप से घायल भी हुए हैं. आइए जानते हैं कि इस मामले पर कोलकाला हाईकोर्ट ने क्या कहा है।
हिंसक बवाल जारी, अब तक 110 की हुई गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक, मुर्शिदाबाद जिले के शमशेरगंज में दो लोगों के शरीर में गंभीर ज़ख्म के निशान मिले हैं जिनकी बाद में मौत हो गई, वहीं, सूती नाम की एक जगह में गोली लगने से एक लड़का मारा गया।
पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास कर रही है लेकिन विफल रही क्योंकि भारी हिंसा के दौरान, भीड़ ने पुलिस की गाड़ियों समेत कई गाड़ियों में आग लगा दी।
हिंसक भीड़ ने पुलिस और सुरक्षा बलों पर पथराव किया. इस मामले में 20 पुलिसकर्मियों समेत कई लोग गंभीर रुप से घायल हुए हैं वहीं पुलिस ने 110 लोगों को हिरासत में लिया गया है.
कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचा मामला
वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ हिंसा का मामला कलकत्ता हाई कोर्ट भी पहुंच गया है. बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने सेंट्रल रिजर्ब फोर्स की तैनाती की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मुर्शिदाबाद के हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में केंद्रीय बल की तैनाती के निर्देश दे दिए हैं।
सियासी आरोप-प्रत्यारोप जारी
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लोगों से अपील की है कि वे हिंसा न फैलाएं. उन्होंने वक्फ बिल के बारे में कहा कि वे इसे संवैधानिक नहीं मानती हैं इसलिए वे इस कानून को अपने राज्य में लागू नहींं करेंगी. उधर विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने उन पर आरोप लगाया है कि वे एक समुदाय विशेष का पक्ष लेकर हिंसा भड़काने वालों को बढ़ावा दे रही हैं.
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