लखनऊ. (एजेंसी). समाजवादी पार्टी के नेता विनय शंकर तिवारी की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं. ईडी ने सपा नेता की गंगोत्तरी इंटरप्राइजेज कंपनी के करीब 10 ठिकानों पर छापेमारी की है. आइए जानते हैं कि किस मामले में ये कार्रवाई की गई है।
700 करोड़ के बैंक लोन घोटाले का है मामला
दरअसल ईडी को शिकायत मिली थी कि गंगोत्री एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने अपने प्रमोटरों, निदेशकों, गारंटरों के साथ मिलकर बैंकों के कंसोर्टियम से 1129.44 करोड़ रुपये का लोन लिया था.
इसके बाद इस रकम को उन लोगों ने दूसरी डमी कंपनियों में डायवर्ट कर दिया. बैंकों की लोन वापस भी नहीं किया गया। इससे बैंकों के कंसोर्टियम को करीब 754.24 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।
इससे पहले सपा के पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी की 72.08 करोड़ रुपये की संपत्तियों को ED यानि प्रवर्तन निदेशालय ने नवंबर 2023 में जब्त किया था।
2023 में ही राजधानी लखनऊ स्थित ईडी के जोनल कार्यालय ने 27 संपत्तियों को जब्त किया था। इन संपत्तियों में से खेती किसानी लायक ज़मीन, व्यवसायिक कांप्लेक्स, आवासीय परिसर, आवासीय भूखंड आदि शामिल हैं।
लखनऊ से मुंबई तक हुई छापेमारी
ईडी ने एक साथ लखनऊ, गोरखपुर से लेकर मुंबई तक गंगोत्री इंटरप्राइजेज के ऑफिसों में छापेमारी की है। सपा नेता विनय तिवारी इस कंपनी के मालिक हैं. वे करोड़ों के बैंक लोन घोटाले में फंसे हुए हैं। ईडी ने उनके खिलाफ चार्जशीट तैयार कर ली है
बैंकों की शिकायत पर सीबीआई मुख्यालय ने केस दर्ज किया था। इसके बाद ईडी ने भी विनय तिवारी समेत कंपनी के समस्त निदेशक, प्रमोटर और गारंटर के खिलाफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।


